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الشعراء

Ash-Shu'ara

Şuarâ

मक्की·227 आयतें

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

26:1
पारा 19
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 367

طسٓمٓ﴿١﴾

ता, सीन, मीम।

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26:2
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 367

تِلْكَ ءَايَـٰتُ ٱلْكِتَـٰبِ ٱلْمُبِينِ﴿٢﴾

ये स्पष्ट किताब की आयतें हैं।

—
26:3
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 367

لَعَلَّكَ بَـٰخِعٌ نَّفْسَكَ أَلَّا يَكُونُوا۟ مُؤْمِنِينَ﴿٣﴾

शायद (ऐ रसूल!) आप अपने आपको हलाक करने वाले हैं, इसलिए कि वे ईमान नहीं लाते।1

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26:4
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 367

إِن نَّشَأْ نُنَزِّلْ عَلَيْهِم مِّنَ ٱلسَّمَآءِ ءَايَةً فَظَلَّتْ أَعْنَـٰقُهُمْ لَهَا خَـٰضِعِينَ﴿٤﴾

यदि हम चाहें, तो उनपर आकाश से कोई निशानी उतार दें, फिर उसके सामने उनकी गर्दनें झुकी रह जाएँ।1

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26:5
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 367

وَمَا يَأْتِيهِم مِّن ذِكْرٍ مِّنَ ٱلرَّحْمَـٰنِ مُحْدَثٍ إِلَّا كَانُوا۟ عَنْهُ مُعْرِضِينَ﴿٥﴾

और जब भी 'रह़मान' (अति दयावान्) की ओर से उनके पास कोई नई नसीहत आती है, तो वे उससे मुँह फेरने वाले होते हैं।

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26:6
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 367

فَقَدْ كَذَّبُوا۟ فَسَيَأْتِيهِمْ أَنۢبَـٰٓؤُا۟ مَا كَانُوا۟ بِهِۦ يَسْتَهْزِءُونَ﴿٦﴾

अतः निःसंदेह उन्होंने झुठला दिया, तो शीघ्र ही उनके पास उस चीज़ की खबरें आ जाएँगी, जिसका वे उपहास उड़ाया करते थे।

—
26:7
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 367

أَوَلَمْ يَرَوْا۟ إِلَى ٱلْأَرْضِ كَمْ أَنۢبَتْنَا فِيهَا مِن كُلِّ زَوْجٍ كَرِيمٍ﴿٧﴾

और क्या उन्होंने धरती की ओर नहीं देखा कि हमने उसमें हर उत्तम प्रकार के कितने पौधे उगाए हैं?

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26:8
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 367

إِنَّ فِى ذَٰلِكَ لَـَٔايَةً ۖ وَمَا كَانَ أَكْثَرُهُم مُّؤْمِنِينَ﴿٨﴾

निःसंदे इसमें निश्चय एक बड़ी निशानी1 है। (परंतु) उनमें से अधिकतर ईमान लाने वाले नहीं थे।

—
26:9
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 367

وَإِنَّ رَبَّكَ لَهُوَ ٱلْعَزِيزُ ٱلرَّحِيمُ﴿٩﴾

तथा निःसंदेह आपका पालनहार, निश्चय वही सबपर प्रभुत्वशाली, अत्यंत दयावान् है।

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26:10
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 367

وَإِذْ نَادَىٰ رَبُّكَ مُوسَىٰٓ أَنِ ٱئْتِ ٱلْقَوْمَ ٱلظَّـٰلِمِينَ﴿١٠﴾

और जब आपके पालनहार ने मूसा को पुकारा कि उन ज़ालिम लोगों1 के पास जाओ।

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26:11
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 367

قَوْمَ فِرْعَوْنَ ۚ أَلَا يَتَّقُونَ﴿١١﴾

फ़िरऔन की जाति के पास। क्या वे डरते नहीं?

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26:12
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 367

قَالَ رَبِّ إِنِّىٓ أَخَافُ أَن يُكَذِّبُونِ﴿١٢﴾

उसने कहा : ऐ मेरे पालनहार! निःसंदेह मुझे डर है कि वे मुझे झुठला देंगे।

—
26:13
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 367

وَيَضِيقُ صَدْرِى وَلَا يَنطَلِقُ لِسَانِى فَأَرْسِلْ إِلَىٰ هَـٰرُونَ﴿١٣﴾

और मेरा सीना घुटता है और मेरी ज़बान नहीं चलती, अतः हारून की ओर संदेश भेज।

—
26:14
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 367

وَلَهُمْ عَلَىَّ ذَنۢبٌ فَأَخَافُ أَن يَقْتُلُونِ﴿١٤﴾

और उनका मुझपर एक अपराध का आरोप है। अतः मैं डरता हूँ कि वे मुझे मार डालेंगे।

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26:15
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 367

قَالَ كَلَّا ۖ فَٱذْهَبَا بِـَٔايَـٰتِنَآ ۖ إِنَّا مَعَكُم مُّسْتَمِعُونَ﴿١٥﴾

(अल्लाह ने) फरमाया : ऐसा कभी नहीं होगा, अतः तुम दोनों हमारी निशानियों के साथ जाओ। निःसंदेह हम तुम्हारे साथ ख़ूब सुनने1 वाले हैं।

—
26:16
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 367

فَأْتِيَا فِرْعَوْنَ فَقُولَآ إِنَّا رَسُولُ رَبِّ ٱلْعَـٰلَمِينَ﴿١٦﴾

तो तुम दोनों फ़िरऔन के पास जाओ और कहो कि निःसंदेह हम सारे संसारों के पालनहार के संदेशवाहक हैं।

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26:17
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 367

أَنْ أَرْسِلْ مَعَنَا بَنِىٓ إِسْرَٰٓءِيلَ﴿١٧﴾

कि तू बनी इसराईल को हमारे साथ भेज दे।

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26:18
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 367

قَالَ أَلَمْ نُرَبِّكَ فِينَا وَلِيدًا وَلَبِثْتَ فِينَا مِنْ عُمُرِكَ سِنِينَ﴿١٨﴾

(फ़िरऔन ने) कहा : क्या हमने तुझे अपने यहाँ इस हाल में नहीं पाला कि तू बच्चा था और तू हमारे बीच अपनी आयु के कई वर्ष रहा?

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26:19
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 367

وَفَعَلْتَ فَعْلَتَكَ ٱلَّتِى فَعَلْتَ وَأَنتَ مِنَ ٱلْكَـٰفِرِينَ﴿١٩﴾

और तूने अपना वह काम1 किया, जो तूने किया। और तू अकृतज्ञों में से है।

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26:20
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 368

قَالَ فَعَلْتُهَآ إِذًا وَأَنَا۠ مِنَ ٱلضَّآلِّينَ﴿٢٠﴾

(मूसा ने) कहा : मैंने उस समय वह काम इस हाल में किया कि मैं अनजानों में से था।

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26:21
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 368

فَفَرَرْتُ مِنكُمْ لَمَّا خِفْتُكُمْ فَوَهَبَ لِى رَبِّى حُكْمًا وَجَعَلَنِى مِنَ ٱلْمُرْسَلِينَ﴿٢١﴾

फिर मैं तुम्हारे पास से भाग गया, जब मैं तुमसे डरा, तो मेरे पालनहार ने मुझे हुक्म (नुबुव्वत एवं ज्ञान) प्रदान किया और मुझे रसूलों में से बना दिया।

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26:22
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 368

وَتِلْكَ نِعْمَةٌ تَمُنُّهَا عَلَىَّ أَنْ عَبَّدتَّ بَنِىٓ إِسْرَٰٓءِيلَ﴿٢٢﴾

और यह कोई उपकार है, जो तू मुझपर जता रहा है कि तूने बनी इसराईल काे ग़ुलाम बना रखा है।

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26:23
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 368

قَالَ فِرْعَوْنُ وَمَا رَبُّ ٱلْعَـٰلَمِينَ﴿٢٣﴾

फ़िरऔन ने कहा : और 'रब्बुल-आलमीन' (सारे संसारों का पालनहार) क्या है?

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26:24
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 368

قَالَ رَبُّ ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ وَمَا بَيْنَهُمَآ ۖ إِن كُنتُم مُّوقِنِينَ﴿٢٤﴾

(मूसा ने) कहा : जो आकाशों और धरती का रब है और जो उनके बीच है उसका भी, यदि तुम विश्वास करने वाले हो।

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26:25
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 368

قَالَ لِمَنْ حَوْلَهُۥٓ أَلَا تَسْتَمِعُونَ﴿٢٥﴾

उसने अपने आस-पास के लोगों से कहा : क्या तुम सुनते नहीं?

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26:26
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 368

قَالَ رَبُّكُمْ وَرَبُّ ءَابَآئِكُمُ ٱلْأَوَّلِينَ﴿٢٦﴾

(मूसा ने) कहा : जो तुम्हारा पालनहार तथा तुम्हारे पहले बाप-दादा का पालनहार है।

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26:27
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 368

قَالَ إِنَّ رَسُولَكُمُ ٱلَّذِىٓ أُرْسِلَ إِلَيْكُمْ لَمَجْنُونٌ﴿٢٧﴾

(फ़िरऔन ने) कहा : निश्चय तुम्हारा यह रसूल, जो तुम्हारी ओर भेजा गया है, अवश्य पागल है।

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26:28
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 368

قَالَ رَبُّ ٱلْمَشْرِقِ وَٱلْمَغْرِبِ وَمَا بَيْنَهُمَآ ۖ إِن كُنتُمْ تَعْقِلُونَ﴿٢٨﴾

(मूसा ने) कहा : जो पूर्व तथा पश्चिम रब है और उसका भी जो उन दोनों के बीच है, अगर तुम समझते हो।

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26:29
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 368

قَالَ لَئِنِ ٱتَّخَذْتَ إِلَـٰهًا غَيْرِى لَأَجْعَلَنَّكَ مِنَ ٱلْمَسْجُونِينَ﴿٢٩﴾

(फ़िरऔन ने) कहा : निश्चय यदि तूने मेरे अलावा किसी और को पूज्य बनाया, तो मैं तुझे अवश्य ही बंदी बनाए हुए लोगों में शामिल कर दूँगा।‌

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26:30
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 368

قَالَ أَوَلَوْ جِئْتُكَ بِشَىْءٍ مُّبِينٍ﴿٣٠﴾

(मूसा ने) कहा : क्या भले ही मैं तेरे पास कोई स्पष्ट चीज़ ले आऊँ?

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26:31
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 368

قَالَ فَأْتِ بِهِۦٓ إِن كُنتَ مِنَ ٱلصَّـٰدِقِينَ﴿٣١﴾

उसने कहा : तू उसे ले आ, यदि तू सच्चे लोगों में से है।

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26:32
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 368

فَأَلْقَىٰ عَصَاهُ فَإِذَا هِىَ ثُعْبَانٌ مُّبِينٌ﴿٣٢﴾

फिर उसने अपनी लाठी फेंक दी, तो अचानक वह एक प्रत्यक्ष अजगर बन गई।

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26:33
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 368

وَنَزَعَ يَدَهُۥ فَإِذَا هِىَ بَيْضَآءُ لِلنَّـٰظِرِينَ﴿٣٣﴾

तथा उसने अपना हाथ निकाला, तो एकाएक वह देखने वालों के लिए सफेद (चमकदार) था।

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26:34
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 368

قَالَ لِلْمَلَإِ حَوْلَهُۥٓ إِنَّ هَـٰذَا لَسَـٰحِرٌ عَلِيمٌ﴿٣٤﴾

उसने अपने आस-पास के प्रमुखों से कहा : निश्चय यह तो एक बड़ा कुशल जादूगर है।

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26:35
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 368

يُرِيدُ أَن يُخْرِجَكُم مِّنْ أَرْضِكُم بِسِحْرِهِۦ فَمَاذَا تَأْمُرُونَ﴿٣٥﴾

जो चाहता है कि अपने जादू के साथ तुम्हें तुम्हारी धरती से निकाल1 दे। तो तुम क्या आदेश देते हो?

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26:36
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 368

قَالُوٓا۟ أَرْجِهْ وَأَخَاهُ وَٱبْعَثْ فِى ٱلْمَدَآئِنِ حَـٰشِرِينَ﴿٣٦﴾

उन्होंने कहा : इसके तथा इसके भाई को मोहलत दें और नगरों में (लोगों को) जमा करने वालों को भेज दें।

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26:37
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 368

يَأْتُوكَ بِكُلِّ سَحَّارٍ عَلِيمٍ﴿٣٧﴾

कि वे तेरे पास हर बड़ा जादूगर ले आएँ, जो जादू में बहुत कुशल हो।

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26:38
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 368

فَجُمِعَ ٱلسَّحَرَةُ لِمِيقَـٰتِ يَوْمٍ مَّعْلُومٍ﴿٣٨﴾

तो जादूगर एक निश्चित दिन के नियत समय पर इकट्ठा कर लिए गए।

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26:39
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 368

وَقِيلَ لِلنَّاسِ هَلْ أَنتُم مُّجْتَمِعُونَ﴿٣٩﴾

तथा लोगों से कहा गया : क्या तुम एकत्र होने वाले1 हो?

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26:40
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 369

لَعَلَّنَا نَتَّبِعُ ٱلسَّحَرَةَ إِن كَانُوا۟ هُمُ ٱلْغَـٰلِبِينَ﴿٤٠﴾

शायद हम इन जादूगरों के अनुयायी बन जाएँ, यदि वही विजयी हों।

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26:41
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 369

فَلَمَّا جَآءَ ٱلسَّحَرَةُ قَالُوا۟ لِفِرْعَوْنَ أَئِنَّ لَنَا لَأَجْرًا إِن كُنَّا نَحْنُ ٱلْغَـٰلِبِينَ﴿٤١﴾

फिर जब जादूगर आ गए, तो उन्होंने फ़िरऔन से कहा : क्या सचमुच हमें कुछ पुरस्कार मिलेगा, यदि हम ही प्रभावी रहे?

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26:42
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 369

قَالَ نَعَمْ وَإِنَّكُمْ إِذًا لَّمِنَ ٱلْمُقَرَّبِينَ﴿٤٢﴾

उसने कहा : हाँ! और निश्चय तुम उस समय निकटवर्तियों में से हो जाओगे ।

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26:43
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 369

قَالَ لَهُم مُّوسَىٰٓ أَلْقُوا۟ مَآ أَنتُم مُّلْقُونَ﴿٤٣﴾

मूसा ने उनसे कहा : फेंको, जो कुछ तुम फेंकने वाले हो।

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26:44
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 369

فَأَلْقَوْا۟ حِبَالَهُمْ وَعِصِيَّهُمْ وَقَالُوا۟ بِعِزَّةِ فِرْعَوْنَ إِنَّا لَنَحْنُ ٱلْغَـٰلِبُونَ﴿٤٤﴾

तो उन्होंने अपनी रस्सियाँ और लाठियाँ फेंकीं और कहा : फ़िरऔन के प्रभुत्व की सौगंध! निःसंदेह हम, निश्चय हम ही विजयी रहेंगे।

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26:45
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 369

فَأَلْقَىٰ مُوسَىٰ عَصَاهُ فَإِذَا هِىَ تَلْقَفُ مَا يَأْفِكُونَ﴿٤٥﴾

फिर मूसा ने अपनी लाठी फेंकी, तो एकाएक वह उन चीज़ों को निगल रही थी, जो वे झूठ बना रहे थे।

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26:46
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 369

فَأُلْقِىَ ٱلسَّحَرَةُ سَـٰجِدِينَ﴿٤٦﴾

इसपर जादूगर सजदा करते हुए गिर गए।1

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26:47
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 369

قَالُوٓا۟ ءَامَنَّا بِرَبِّ ٱلْعَـٰلَمِينَ﴿٤٧﴾

उन्होंने कहा : हम सारे संसारों के पालनहार पर ईमान ले आए।

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26:48
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 369

رَبِّ مُوسَىٰ وَهَـٰرُونَ﴿٤٨﴾

मूसा तथा हारून के पालनहार पर।

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26:49
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 369

قَالَ ءَامَنتُمْ لَهُۥ قَبْلَ أَنْ ءَاذَنَ لَكُمْ ۖ إِنَّهُۥ لَكَبِيرُكُمُ ٱلَّذِى عَلَّمَكُمُ ٱلسِّحْرَ فَلَسَوْفَ تَعْلَمُونَ ۚ لَأُقَطِّعَنَّ أَيْدِيَكُمْ وَأَرْجُلَكُم مِّنْ خِلَـٰفٍ وَلَأُصَلِّبَنَّكُمْ أَجْمَعِينَ﴿٤٩﴾

(फ़िरऔन ने) कहा : तुम उसपर ईमान ले आए, इससे पहले कि मैं तुम्हें अनुमति दूँ? निःसंदेह यह अवश्य तुम्हारा बड़ा (गुरू) है, जिसने तुम्हें जादू सिखाया है। अतः निश्चय तुम जल्दी जान लोगे। मैं अवश्य तुम्हारे हाथ और तुम्हारे पाँव विपरीत दिशा1 से काट दूँगा तथा निश्चय तुम सभी को अवश्य बुरी तरह सूली पर चढ़ा दूँगा।

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26:50
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 369

قَالُوا۟ لَا ضَيْرَ ۖ إِنَّآ إِلَىٰ رَبِّنَا مُنقَلِبُونَ﴿٥٠﴾

उन्होंने कहा : कोई नुक़सान नहीं, निश्चित रूप से हम अपने पालनहार की ओर पलटने वाले हैं।

—
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