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Ali 'Imran - 3:113

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Ali 'Imran - आयत 113

3:113
पारा 4 · हिज़्ब 7 · पृष्ठ 64

۞ لَيْسُوا۟ سَوَآءً ۗ مِّنْ أَهْلِ ٱلْكِتَـٰبِ أُمَّةٌ قَآئِمَةٌ يَتْلُونَ ءَايَـٰتِ ٱللَّهِ ءَانَآءَ ٱلَّيْلِ وَهُمْ يَسْجُدُونَ﴿١١٣﴾

वे सभी समान नहीं हैं; किताब वालों में एक समूह (सत्य पर) स्थापित1 है, जो रात की घड़ियों में अल्लाह की आयतें पढ़ते हैं और वे सजदे करते हैं।

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Ali 'Imran - 3:113

۞ لَيْسُوا۟ سَوَآءً ۗ مِّنْ أَهْلِ ٱلْكِتَـٰبِ أُمَّةٌ قَآئِمَةٌ يَتْلُونَ ءَايَـٰتِ ٱللَّهِ ءَانَآءَ ٱلَّيْلِ وَهُمْ يَسْجُدُونَ

वे सभी समान नहीं हैं; किताब वालों में एक समूह (सत्य पर) स्थापित1 है, जो रात की घड़ियों में अल्लाह की आयतें पढ़ते हैं ...

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