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Ali 'Imran - 3:165

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Ali 'Imran - आयत 165

3:165
पारा 4 · हिज़्ब 7 · पृष्ठ 71

أَوَلَمَّآ أَصَـٰبَتْكُم مُّصِيبَةٌ قَدْ أَصَبْتُم مِّثْلَيْهَا قُلْتُمْ أَنَّىٰ هَـٰذَا ۖ قُلْ هُوَ مِنْ عِندِ أَنفُسِكُمْ ۗ إِنَّ ٱللَّهَ عَلَىٰ كُلِّ شَىْءٍ قَدِيرٌ﴿١٦٥﴾

क्या जब तुम्हें एक ऐसी विपत्ति1 पहुँची, जिसकी दोगुनी विपत्ति तुम (काफ़िरों को) पहुँचा2 चुके थे, तो तुम कहने लगे कि : यह कहाँ से आ गई? (ऐ नबी!) कह दीजिए : यह तुम्हारे ही पास से3 आई है। निःसंदेह अल्लाह हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है।

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Ali 'Imran - 3:165

أَوَلَمَّآ أَصَـٰبَتْكُم مُّصِيبَةٌ قَدْ أَصَبْتُم مِّثْلَيْهَا قُلْتُمْ أَنَّىٰ هَـٰذَا ۖ قُلْ هُوَ مِنْ عِندِ أَنفُسِكُمْ ۗ إِنَّ ٱللَّهَ عَلَىٰ...

क्या जब तुम्हें एक ऐसी विपत्ति1 पहुँची, जिसकी दोगुनी विपत्ति तुम (काफ़िरों को) पहुँचा2 चुके थे, तो तुम कहने लगे कि : ...

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