सामग्री पर जाएं
NurVerse
पवित्र क़ुरआननमाज़ का समयकैलेंडरहदीसदुआएं
Ad
Ad
Ad
Ad
NurVerse

क़ुरआन पढ़ें, नमाज़ के समय ट्रैक करें, दुआ करें और अपनी इस्लामी ज़िंदगी समृद्ध करें।

© 2026 NurVerse. सर्वाधिकार सुरक्षित।

ऐप इंस्टॉल करेंसंपर्कगोपनीयता नीतिउपयोग की शर्तें
← Al-Ahzab

Al-Ahzab - आयत 20

33:20
पारा 21 · हिज़्ब 42 · पृष्ठ 420

يَحْسَبُونَ ٱلْأَحْزَابَ لَمْ يَذْهَبُوا۟ ۖ وَإِن يَأْتِ ٱلْأَحْزَابُ يَوَدُّوا۟ لَوْ أَنَّهُم بَادُونَ فِى ٱلْأَعْرَابِ يَسْـَٔلُونَ عَنْ أَنۢبَآئِكُمْ ۖ وَلَوْ كَانُوا۟ فِيكُم مَّا قَـٰتَلُوٓا۟ إِلَّا قَلِيلًا﴿٢٠﴾

वे समझते हैं कि सैन्य दल (अभी) नहीं गए1 हैं। और यदि सेनाएँ (दोबारा) आ जाएँ, तो वे चाहेंगे कि काश! वे देहातियों के साथ देहातों में चले जाते और (वहीं से) तुम्हारे समाचार मालूम करते रहते। और अगर वे तुम्हारे साथ होते भी, तो युद्ध में कम ही भाग लेते।

—

आयत शेयर करें

Al-Ahzab - 33:20

يَحْسَبُونَ ٱلْأَحْزَابَ لَمْ يَذْهَبُوا۟ ۖ وَإِن يَأْتِ ٱلْأَحْزَابُ يَوَدُّوا۟ لَوْ أَنَّهُم بَادُونَ فِى ٱلْأَعْرَابِ يَسْـَٔلُونَ عَنْ أَنۢبَآ...

वे समझते हैं कि सैन्य दल (अभी) नहीं गए1 हैं। और यदि सेनाएँ (दोबारा) आ जाएँ, तो वे चाहेंगे कि काश! वे देहातियों के साथ...

← पिछली आयतअगली आयत →