सामग्री पर जाएं
NurVerse
पवित्र क़ुरआननमाज़ का समयकैलेंडरहदीसदुआएंcommon.blog
Ad
Ad
Ad
Ad
NurVerse

क़ुरआन पढ़ें, नमाज़ के समय ट्रैक करें, दुआ करें और अपनी इस्लामी ज़िंदगी समृद्ध करें।

© 2026 NurVerse. सर्वाधिकार सुरक्षित।

ऐप इंस्टॉल करेंसंपर्कगोपनीयता नीतिउपयोग की शर्तें

Ya-Sin - 36:70

← Ya-Sin

Ya-Sin - आयत 70

36:70
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 444

لِّيُنذِرَ مَن كَانَ حَيًّا وَيَحِقَّ ٱلْقَوْلُ عَلَى ٱلْكَـٰفِرِينَ﴿٧٠﴾

ताकि वह उसे डराए, जो जीवित हो1 तथा काफ़िरों पर (यातना की) बात सिद्ध हो जाए।

—

आयत शेयर करें

Ya-Sin - 36:70

لِّيُنذِرَ مَن كَانَ حَيًّا وَيَحِقَّ ٱلْقَوْلُ عَلَى ٱلْكَـٰفِرِينَ

ताकि वह उसे डराए, जो जीवित हो1 तथा काफ़िरों पर (यातना की) बात सिद्ध हो जाए।

← पिछली आयतअगली आयत →