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मक्की·182 आयतें

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

37:1
पारा 23
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 446

وَٱلصَّـٰٓفَّـٰتِ صَفًّا﴿١﴾

क़सम है पंक्तिबद्ध (फ़रिश्तों) की!

—
37:2
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 446

فَٱلزَّٰجِرَٰتِ زَجْرًا﴿٢﴾

फिर झिड़क कर डाँटने वालों की!

—
37:3
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 446

فَٱلتَّـٰلِيَـٰتِ ذِكْرًا﴿٣﴾

फिर (अल्लाह के) ज़िक्र (वाणी) की तिलावत करने वालों की।1

—
37:4
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 446

إِنَّ إِلَـٰهَكُمْ لَوَٰحِدٌ﴿٤﴾

निःसंदेह तुम्हारा पूज्य निश्चय एक ही है।

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37:5
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 446

رَّبُّ ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ وَمَا بَيْنَهُمَا وَرَبُّ ٱلْمَشَـٰرِقِ﴿٥﴾

जो आकाशों और धरती का तथा उन दोनों के बीच की समस्त चीज़ों का स्वामी है और सूर्य के उदय होने के सभी स्थानों का मालिक है।

—
37:6
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 446

إِنَّا زَيَّنَّا ٱلسَّمَآءَ ٱلدُّنْيَا بِزِينَةٍ ٱلْكَوَاكِبِ﴿٦﴾

निःसंदेह हमने संसार के आकाश को एक सुंदर शृंगार के साथ सुशोभित किया है, जो सितारे हैं।

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37:7
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 446

وَحِفْظًا مِّن كُلِّ شَيْطَـٰنٍ مَّارِدٍ﴿٧﴾

और प्रत्येक सरकश शैतान से सुरक्षित करने के लिए।

—
37:8
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 446

لَّا يَسَّمَّعُونَ إِلَى ٱلْمَلَإِ ٱلْأَعْلَىٰ وَيُقْذَفُونَ مِن كُلِّ جَانِبٍ﴿٨﴾

वे सर्वोच्च सभा (मला-ए-आ'ला) के फ़रिश्तों की बात नहीं सुन सकते, तथा वे हर ओर से (उल्काओं से) मारे जाते हैं।

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37:9
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 446

دُحُورًا ۖ وَلَهُمْ عَذَابٌ وَاصِبٌ﴿٩﴾

भगाने के लिए। तथा उनके लिए स्थायी यातना है।

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37:10
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 446

إِلَّا مَنْ خَطِفَ ٱلْخَطْفَةَ فَأَتْبَعَهُۥ شِهَابٌ ثَاقِبٌ﴿١٠﴾

परंतु जो कोई (शैतान फरिश्तों की किसी बात को) अचानक उचक ले जाए, तो एक दहकता हुआ अंगारा (उल्का)1 उसका पीछा करता है।

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37:11
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 446

فَٱسْتَفْتِهِمْ أَهُمْ أَشَدُّ خَلْقًا أَم مَّنْ خَلَقْنَآ ۚ إِنَّا خَلَقْنَـٰهُم مِّن طِينٍ لَّازِبٍۭ﴿١١﴾

तो आप इन (काफ़िरों) से पूछें कि क्या इन्हें पैदा करना अधिक कठिन है या उनका जिन्हें1 हम पैदा कर चुके? निःसंदेह हमने उन्हें2 एक लेसदार मिट्टी से पैदा किया है।

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37:12
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 446

بَلْ عَجِبْتَ وَيَسْخَرُونَ﴿١٢﴾

बल्कि आपने आश्चर्य किया और वे उपहास करते हैं।

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37:13
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 446

وَإِذَا ذُكِّرُوا۟ لَا يَذْكُرُونَ﴿١٣﴾

और जब उन्हें नसीहत की जाए, तो वे क़बूल नहीं करते।

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37:14
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 446

وَإِذَا رَأَوْا۟ ءَايَةً يَسْتَسْخِرُونَ﴿١٤﴾

और जब वे कोई निशानी देखते हैं, तो खूब उपहास करते हैं।

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37:15
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 446

وَقَالُوٓا۟ إِنْ هَـٰذَآ إِلَّا سِحْرٌ مُّبِينٌ﴿١٥﴾

तथा कहते हैं कि यह तो मात्र खुला जादू है।

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37:16
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 446

أَءِذَا مِتْنَا وَكُنَّا تُرَابًا وَعِظَـٰمًا أَءِنَّا لَمَبْعُوثُونَ﴿١٦﴾

क्या जब हम मर गए और मिट्टी तथा हड्डियाँ हो चुके, तो क्या सचमुच हम अवश्य उठाए जाने वाले हैं?

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37:17
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 446

أَوَءَابَآؤُنَا ٱلْأَوَّلُونَ﴿١٧﴾

और क्या हमारे पहले बाप-दादा भी (उठाए जाएँगे)?

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37:18
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 446

قُلْ نَعَمْ وَأَنتُمْ دَٰخِرُونَ﴿١٨﴾

आप कह दीजिए : हाँ! तथा तुम अपमानित (भी) होगे!

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37:19
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 446

فَإِنَّمَا هِىَ زَجْرَةٌ وَٰحِدَةٌ فَإِذَا هُمْ يَنظُرُونَ﴿١٩﴾

वह बस एक ही झिड़की होगी, तो एकाएक वे देख रहे होंगे।

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37:20
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 446

وَقَالُوا۟ يَـٰوَيْلَنَا هَـٰذَا يَوْمُ ٱلدِّينِ﴿٢٠﴾

तथा वे कहेंगे : हाय हमारा विनाश! यह तो बदले का दिन है।

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37:21
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 446

هَـٰذَا يَوْمُ ٱلْفَصْلِ ٱلَّذِى كُنتُم بِهِۦ تُكَذِّبُونَ﴿٢١﴾

यही निर्णय का दिन है, जिसे तुम झुठलाया करते थे।

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37:22
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 446

۞ ٱحْشُرُوا۟ ٱلَّذِينَ ظَلَمُوا۟ وَأَزْوَٰجَهُمْ وَمَا كَانُوا۟ يَعْبُدُونَ﴿٢٢﴾

(आदेश होगा कि) इकट्ठा करो उन लोगों को जिन्होंने अत्याचार किया तथा उनके साथियों को और जिनकी वे उपासना किया करते थे ।

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37:23
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 446

مِن دُونِ ٱللَّهِ فَٱهْدُوهُمْ إِلَىٰ صِرَٰطِ ٱلْجَحِيمِ﴿٢٣﴾

अल्लाह के सिवा। फिर उन्हें जहन्नम की राह दिखा दो।

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37:24
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 446

وَقِفُوهُمْ ۖ إِنَّهُم مَّسْـُٔولُونَ﴿٢٤﴾

और उन्हें ठहराओ1, निःसंदेह वे प्रश्न किए जाने वाले हैं।

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37:25
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 447

مَا لَكُمْ لَا تَنَاصَرُونَ﴿٢٥﴾

तुम्हें क्या हुआ कि तुम एक-दूसरे की सहायता नहीं करते?

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37:26
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 447

بَلْ هُمُ ٱلْيَوْمَ مُسْتَسْلِمُونَ﴿٢٦﴾

बल्कि, आज वे सर्वथा आज्ञाकारी हैं।

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37:27
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 447

وَأَقْبَلَ بَعْضُهُمْ عَلَىٰ بَعْضٍ يَتَسَآءَلُونَ﴿٢٧﴾

और वे एक-दूसरे की ओर रुख़ करके परस्पर प्रश्न करेंगे।1

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37:28
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 447

قَالُوٓا۟ إِنَّكُمْ كُنتُمْ تَأْتُونَنَا عَنِ ٱلْيَمِينِ﴿٢٨﴾

वे कहेंगे : निःसंदेह तुम हमारे पास दाहिने1 से आया करते थे।

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37:29
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 447

قَالُوا۟ بَل لَّمْ تَكُونُوا۟ مُؤْمِنِينَ﴿٢٩﴾

वे1 कहेंगे : बल्कि तुम (स्वयं) ईमान वाले न थे।

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37:30
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 447

وَمَا كَانَ لَنَا عَلَيْكُم مِّن سُلْطَـٰنٍۭ ۖ بَلْ كُنتُمْ قَوْمًا طَـٰغِينَ﴿٣٠﴾

तथा हमारा तुमपर कोई ज़ोर1 न था, बल्कि तुम (स्वंय) हद से बढ़ने वाले लोग थे।

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37:31
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 447

فَحَقَّ عَلَيْنَا قَوْلُ رَبِّنَآ ۖ إِنَّا لَذَآئِقُونَ﴿٣١﴾

तो हमपर हमारे पालनहार का कथन सिद्ध हो गया। निःसंदेह हम निश्चय (यातना) चखने वाले हैं।

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37:32
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 447

فَأَغْوَيْنَـٰكُمْ إِنَّا كُنَّا غَـٰوِينَ﴿٣٢﴾

तो हमने तुम्हें गुमराह किया। निःसंदेह हम स्वयं गुमराह थे।

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37:33
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 447

فَإِنَّهُمْ يَوْمَئِذٍ فِى ٱلْعَذَابِ مُشْتَرِكُونَ﴿٣٣﴾

तो निश्चय ही वे उस दिन यातना में सहभागी होंगे।

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37:34
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 447

إِنَّا كَذَٰلِكَ نَفْعَلُ بِٱلْمُجْرِمِينَ﴿٣٤﴾

निःसंदेह हम अपराधियों के साथ ऐसा ही किया करते हैं।

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37:35
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 447

إِنَّهُمْ كَانُوٓا۟ إِذَا قِيلَ لَهُمْ لَآ إِلَـٰهَ إِلَّا ٱللَّهُ يَسْتَكْبِرُونَ﴿٣٥﴾

निःसंदेह वे ऐसे लोग थे कि जब उनसे कहा जाता कि अल्लाह के सिवा कोई पूज्य (इबादत के योग्य) नहीं, तो वे अभिमान करते थे।

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37:36
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 447

وَيَقُولُونَ أَئِنَّا لَتَارِكُوٓا۟ ءَالِهَتِنَا لِشَاعِرٍ مَّجْنُونٍۭ﴿٣٦﴾

तथा कहते थे : क्या सचमुच हम अपने पूज्यों को एक दीवाने कवि के कारण छोड़ देने वाले हैं?

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37:37
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 447

بَلْ جَآءَ بِٱلْحَقِّ وَصَدَّقَ ٱلْمُرْسَلِينَ﴿٣٧﴾

बल्कि वह सत्य लेकर आए हैं तथा उन्होंने सभी रसूलों की पुष्टि की है।

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37:38
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 447

إِنَّكُمْ لَذَآئِقُوا۟ ٱلْعَذَابِ ٱلْأَلِيمِ﴿٣٨﴾

निःसंदेह तुम निश्चय दुःखदायी यातना चखने वाले हो।

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37:39
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 447

وَمَا تُجْزَوْنَ إِلَّا مَا كُنتُمْ تَعْمَلُونَ﴿٣٩﴾

तथा तुम्हें केवल उसी का बदला दिया जाएगा, जो तुम किया करते थे।

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37:40
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 447

إِلَّا عِبَادَ ٱللَّهِ ٱلْمُخْلَصِينَ﴿٤٠﴾

परंतु अल्लाह के ख़ालिस (विशुद्ध) किए हुए बंदे।

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37:41
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 447

أُو۟لَـٰٓئِكَ لَهُمْ رِزْقٌ مَّعْلُومٌ﴿٤١﴾

यही लोग हैं, जिनके लिए निर्धारित रोज़ी है।

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37:42
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 447

فَوَٰكِهُ ۖ وَهُم مُّكْرَمُونَ﴿٤٢﴾

प्रत्येक प्रकार के फल। तथा वे सम्मानित किए गए हैं।

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37:43
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 447

فِى جَنَّـٰتِ ٱلنَّعِيمِ﴿٤٣﴾

नेमत के बाग़ों में।

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37:44
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 447

عَلَىٰ سُرُرٍ مُّتَقَـٰبِلِينَ﴿٤٤﴾

तख़्तों पर आमने-सामने बैठे होंगे।

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37:45
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 447

يُطَافُ عَلَيْهِم بِكَأْسٍ مِّن مَّعِينٍۭ﴿٤٥﴾

उनपर प्रवाहित शराब के प्याले फिराए जाएँगे।

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37:46
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 447

بَيْضَآءَ لَذَّةٍ لِّلشَّـٰرِبِينَ﴿٤٦﴾

जो सफ़ेद होगी, पीने वालों के लिए स्वादिष्ट होगी।

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37:47
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 447

لَا فِيهَا غَوْلٌ وَلَا هُمْ عَنْهَا يُنزَفُونَ﴿٤٧﴾

न उसमें कोई सिरदर्द होगा, और न वे उससे मदहोश होंगे।

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37:48
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 447

وَعِندَهُمْ قَـٰصِرَٰتُ ٱلطَّرْفِ عِينٌ﴿٤٨﴾

तथा उनके पास दृष्टि नीची रखने वाली, बड़ी आँखों वाली स्त्रियाँ होंगी।

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37:49
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 447

كَأَنَّهُنَّ بَيْضٌ مَّكْنُونٌ﴿٤٩﴾

मानो वे छिपाकर रखे हुए अंडे हों।1

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37:50
पारा 23 · हिज़्ब 45 · पृष्ठ 447

فَأَقْبَلَ بَعْضُهُمْ عَلَىٰ بَعْضٍ يَتَسَآءَلُونَ﴿٥٠﴾

फिर वे एक-दूसरे के सम्मुख होकर आपस में प्रश्न करेंगे।

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पिछली आयतYa-Sinअगली आयतSad