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Al-Ma'idah - 5:102

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Al-Ma'idah - आयत 102

5:102
पारा 7 · हिज़्ब 13 · पृष्ठ 124

قَدْ سَأَلَهَا قَوْمٌ مِّن قَبْلِكُمْ ثُمَّ أَصْبَحُوا۟ بِهَا كَـٰفِرِينَ﴿١٠٢﴾

निःसंदेह तुमसे पहले कुछ लोगों ने ऐसी ही बातों के बारे में प्रश्न किया1, फिर वे इसके कारण काफ़िर हो गए।

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Al-Ma'idah - 5:102

قَدْ سَأَلَهَا قَوْمٌ مِّن قَبْلِكُمْ ثُمَّ أَصْبَحُوا۟ بِهَا كَـٰفِرِينَ

निःसंदेह तुमसे पहले कुछ लोगों ने ऐसी ही बातों के बारे में प्रश्न किया1, फिर वे इसके कारण काफ़िर हो गए।

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