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Al-Layl

Leyl

मक्की·21 आयतें

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

92:1
पारा 30
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 595

وَٱلَّيْلِ إِذَا يَغْشَىٰ﴿١﴾

रात की क़सम, जब वह छा जाए।

—
92:2
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 595

وَٱلنَّهَارِ إِذَا تَجَلَّىٰ﴿٢﴾

और दिन की क़सम, जब वह रौशन हो जाए!

—
92:3
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 595

وَمَا خَلَقَ ٱلذَّكَرَ وَٱلْأُنثَىٰٓ﴿٣﴾

तथा नर और मादा को पैदा करने की क़सम।

—
92:4
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 595

إِنَّ سَعْيَكُمْ لَشَتَّىٰ﴿٤﴾

निःसंदेह तुम्हारे प्रयास विविध हैं।1

—
92:5
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 595

فَأَمَّا مَنْ أَعْطَىٰ وَٱتَّقَىٰ﴿٥﴾

फिर जिसने (दान) दिया और (अवज्ञा से) बचा।

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92:6
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 595

وَصَدَّقَ بِٱلْحُسْنَىٰ﴿٦﴾

और सबसे अच्छी बात को सत्य माना।

—
92:7
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 595

فَسَنُيَسِّرُهُۥ لِلْيُسْرَىٰ﴿٧﴾

तो निश्चय हम उसके लिए भलाई को आसान कर देंगे।

—
92:8
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 595

وَأَمَّا مَنۢ بَخِلَ وَٱسْتَغْنَىٰ﴿٨﴾

लेकिन वह (व्यक्ति) जिसने कंजूसी की और बेपरवाही बरती।

—
92:9
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 595

وَكَذَّبَ بِٱلْحُسْنَىٰ﴿٩﴾

और सबसे अच्छी बात को झुठलाया।

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92:10
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 596

فَسَنُيَسِّرُهُۥ لِلْعُسْرَىٰ﴿١٠﴾

तो हम उसके लिए कठिनाई (बुराई का मार्ग) आसान कर देंगे।1

—
92:11
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 596

وَمَا يُغْنِى عَنْهُ مَالُهُۥٓ إِذَا تَرَدَّىٰٓ﴿١١﴾

और जब वह (जहन्नम के गड्ढे में) गिरेगा, तो उसका धन उसके किसी काम नहीं आएगा।

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92:12
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 596

إِنَّ عَلَيْنَا لَلْهُدَىٰ﴿١٢﴾

निःसंदेह हमारा ही ज़िम्मे मार्ग दिखाना है।

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92:13
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 596

وَإِنَّ لَنَا لَلْـَٔاخِرَةَ وَٱلْأُولَىٰ﴿١٣﴾

निःसंदेह हमारे ही अधिकार में आख़िरत और दुनिया है।

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92:14
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 596

فَأَنذَرْتُكُمْ نَارًا تَلَظَّىٰ﴿١٤﴾

अतः मैंने तुम्हें भड़कती आग से सावधान कर दिया है।1

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92:15
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 596

لَا يَصْلَىٰهَآ إِلَّا ٱلْأَشْقَى﴿١٥﴾

जिसमें केवल सबसे बड़ा अभागा ही प्रवेश करेगा।

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92:16
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 596

ٱلَّذِى كَذَّبَ وَتَوَلَّىٰ﴿١٦﴾

जिसने झुठलाया तथा मुँह फेरा।

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92:17
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 596

وَسَيُجَنَّبُهَا ٱلْأَتْقَى﴿١٧﴾

और उससे उस व्यक्ति को बचा लिया जाएगा, जो सबसे ज़्यादा परहेज़गार है।

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92:18
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 596

ٱلَّذِى يُؤْتِى مَالَهُۥ يَتَزَكَّىٰ﴿١٨﴾

जो अपना धन देता है, ताकि वह पवित्र हो जाए।

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92:19
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 596

وَمَا لِأَحَدٍ عِندَهُۥ مِن نِّعْمَةٍ تُجْزَىٰٓ﴿١٩﴾

और उसपर किसी का कोई उपकार नहीं है, जिसका बदला चुकाया जाए।

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92:20
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 596

إِلَّا ٱبْتِغَآءَ وَجْهِ رَبِّهِ ٱلْأَعْلَىٰ﴿٢٠﴾

वह तो केवल अपने सर्वोच्च रब का चेहरा चाहता है।

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92:21
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 596

وَلَسَوْفَ يَرْضَىٰ﴿٢١﴾

और निश्चय वह (बंदा) प्रसन्न हो जाएगा।1

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