अल्लाह की अनंत रहमत का सबसे सुंदर बयान
ٱلرَّحْمَـٰنُ
अत्यंत दयावान् ने।
عَلَّمَ ٱلْقُرْءَانَ
यह क़ुरआन सिखाया।
خَلَقَ ٱلْإِنسَـٰنَ
उसने मनुष्य को पैदा किया।
عَلَّمَهُ ٱلْبَيَانَ
उसे बात करना सिखाया।
ٱلشَّمْسُ وَٱلْقَمَرُ بِحُسْبَانٍ
सूर्य तथा चंद्रमा एक हिसाब से चल रहे हैं।
وَٱلنَّجْمُ وَٱلشَّجَرُ يَسْجُدَانِ
तथा बिना तने के पौधे और पेड़ सजदा करते हैं।
وَٱلسَّمَآءَ رَفَعَهَا وَوَضَعَ ٱلْمِيزَانَ
और उसने आकाश को ऊँचा किया और न्याय का संतुलन स्थापित किया।1
أَلَّا تَطْغَوْا۟ فِى ٱلْمِيزَانِ
ताकि तुम माप-तौल में अति न करो।
وَأَقِيمُوا۟ ٱلْوَزْنَ بِٱلْقِسْطِ وَلَا تُخْسِرُوا۟ ٱلْمِيزَانَ
तथा न्याय के साथ तौल को सीधा रखो और माप-तौल में कमी न करो।
فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
आयत 16+ ...