जब जुमे की नमाज़ के लिए अज़ान दी जाए तो अल्लाह के ज़िक्र की तरफ़ दौड़ो और ख़रीद-ओ-फ़रोख़्त छोड़ दो।
जुमे का दिन मुसलमानों के लिए हफ़्ते का सबसे अफ़ज़ल दिन है। जुमे की नमाज़ फ़र्ज़ है और इस दिन दरूद पढ़ना, सूरह अल-कहफ़ की तिलावत करना और दुआ करना सुन्नत है।
जब जुमे की नमाज़ के लिए अज़ान दी जाए तो अल्लाह के ज़िक्र की तरफ़ दौड़ो और ख़रीद-ओ-फ़रोख़्त छोड़ दो।
सूरह अल-कहफ़ की पहली दस आयतें: ग़ार का क़िस्सा, मोमिनों की पनाहगाह।
जुमे के दिन एक ऐसी घड़ी है जिसमें कोई मुसलमान दुआ करे तो वो क़बूल होती है।
सूरज के नीचे उगने वाला सबसे बेहतरीन दिन जुमे का दिन है।
इस मुबारक दिन पर सुझाई गई इबादतें: