सूरह अल-इसरा: पाक है वो अल्लाह जो अपने बंदे को रात में मस्जिद-उल-हराम से मस्जिद-उल-अक़्सा ले गया।
शब-ए-मिराज वो मुअजिज़ाती रात है जब नबी ﷺ को मस्जिद-उल-हराम से मस्जिद-उल-अक़्सा ले जाया गया और फिर आसमानों पर उठाया गया। इसी रात पाँच वक़्त की नमाज़ फ़र्ज़ की गई।
सूरह अल-इसरा: पाक है वो अल्लाह जो अपने बंदे को रात में मस्जिद-उल-हराम से मस्जिद-उल-अक़्सा ले गया।
सूरह अन-नज्म: आसमानी सफ़र और इलाही हुज़ूर में देखी गई निशानियाँ।
मिराज के दौरान पाँच वक़्त की नमाज़ फ़र्ज़ की गई और सूरह बक़रह की आख़िरी आयतें दी गईं।
उस रात जिब्रील मुझे आसमान पर ले गए। हर आसमान पर मेरी अंबिया से मुलाक़ात हुई।
इस मुबारक दिन पर सुझाई गई इबादतें: