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Ibrahim - आयत 34

14:34
पारा 13 · हिज़्ब 26 · पृष्ठ 260

وَءَاتَىٰكُم مِّن كُلِّ مَا سَأَلْتُمُوهُ ۚ وَإِن تَعُدُّوا۟ نِعْمَتَ ٱللَّهِ لَا تُحْصُوهَآ ۗ إِنَّ ٱلْإِنسَـٰنَ لَظَلُومٌ كَفَّارٌ﴿٣٤﴾

और तुम्हें हर उस चीज़ में से दिया, जो तुमने उससे माँगी।1 और यदि तुम अल्लाह की नेमत की गणना करो, तो उसकी गणना नहीं कर पाओगे। निःसंदेह मनुष्य निश्चय बड़ा अत्याचारी, बहुत नाशुक्रा है।

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Ibrahim - 14:34

وَءَاتَىٰكُم مِّن كُلِّ مَا سَأَلْتُمُوهُ ۚ وَإِن تَعُدُّوا۟ نِعْمَتَ ٱللَّهِ لَا تُحْصُوهَآ ۗ إِنَّ ٱلْإِنسَـٰنَ لَظَلُومٌ كَفَّارٌ

और तुम्हें हर उस चीज़ में से दिया, जो तुमने उससे माँगी।1 और यदि तुम अल्लाह की नेमत की गणना करो, तो उसकी गणना नहीं कर ...

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