सामग्री पर जाएं
NurVerse
पवित्र क़ुरआननमाज़ का समयकैलेंडरहदीसदुआएंcommon.blog
Ad
Ad
Ad
Ad
NurVerse

क़ुरआन पढ़ें, नमाज़ के समय ट्रैक करें, दुआ करें और अपनी इस्लामी ज़िंदगी समृद्ध करें।

© 2026 NurVerse. सर्वाधिकार सुरक्षित।

ऐप इंस्टॉल करेंसंपर्कगोपनीयता नीतिउपयोग की शर्तें

An-Nahl - 16:31

← An-Nahl

An-Nahl - आयत 31

16:31
पारा 14 · हिज़्ब 27 · पृष्ठ 270

جَنَّـٰتُ عَدْنٍ يَدْخُلُونَهَا تَجْرِى مِن تَحْتِهَا ٱلْأَنْهَـٰرُ ۖ لَهُمْ فِيهَا مَا يَشَآءُونَ ۚ كَذَٰلِكَ يَجْزِى ٱللَّهُ ٱلْمُتَّقِينَ﴿٣١﴾

सदा रहने के बाग़, जिनमें वे प्रवेश करेंगे, उनके नीचे से नहरें बहती होंगी। उनके लिए उनमें जो वे चाहेंगे (उपस्थित) होगा। इसी तरह अल्लाह भय रखने वालों को बदला देता है।

—

आयत शेयर करें

An-Nahl - 16:31

جَنَّـٰتُ عَدْنٍ يَدْخُلُونَهَا تَجْرِى مِن تَحْتِهَا ٱلْأَنْهَـٰرُ ۖ لَهُمْ فِيهَا مَا يَشَآءُونَ ۚ كَذَٰلِكَ يَجْزِى ٱللَّهُ ٱلْمُتَّقِينَ

सदा रहने के बाग़, जिनमें वे प्रवेश करेंगे, उनके नीचे से नहरें बहती होंगी। उनके लिए उनमें जो वे चाहेंगे (उपस्थित) होगा...

← पिछली आयतअगली आयत →