وَيَجْعَلُونَ لِلَّهِ ٱلْبَنَـٰتِ سُبْحَـٰنَهُۥ ۙ وَلَهُم مَّا يَشْتَهُونَ﴿٥٧﴾
और वे अल्लाह के लिए बेटियाँ ठहराते1 हैं, वह पवित्र है! और अपने लिए वह[2!], जो वे चाहते हैं?
—An-Nahl - 16:57
وَيَجْعَلُونَ لِلَّهِ ٱلْبَنَـٰتِ سُبْحَـٰنَهُۥ ۙ وَلَهُم مَّا يَشْتَهُونَ
और वे अल्लाह के लिए बेटियाँ ठहराते1 हैं, वह पवित्र है! और अपने लिए वह[2!], जो वे चाहते हैं?