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Al-Isra - 17:57

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Al-Isra - आयत 57

17:57
पारा 15 · हिज़्ब 29 · पृष्ठ 287

أُو۟لَـٰٓئِكَ ٱلَّذِينَ يَدْعُونَ يَبْتَغُونَ إِلَىٰ رَبِّهِمُ ٱلْوَسِيلَةَ أَيُّهُمْ أَقْرَبُ وَيَرْجُونَ رَحْمَتَهُۥ وَيَخَافُونَ عَذَابَهُۥٓ ۚ إِنَّ عَذَابَ رَبِّكَ كَانَ مَحْذُورًا﴿٥٧﴾

जिन्हें ये (मुश्रिक) लोग1 पुकारते हैं, वे स्वयं अपने पालनहार की निकटता का साधन2 तलाश करते हैं कि उनमें से कौन (अल्लाह से) सबसे अधिक निकट हो जाए, तथा उसकी दया की आशा रखते हैं और उसकी यातना से डरते हैं। निःसंदेह आपके पालनहार की यातना डरने की चीज़ है।

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Al-Isra - 17:57

أُو۟لَـٰٓئِكَ ٱلَّذِينَ يَدْعُونَ يَبْتَغُونَ إِلَىٰ رَبِّهِمُ ٱلْوَسِيلَةَ أَيُّهُمْ أَقْرَبُ وَيَرْجُونَ رَحْمَتَهُۥ وَيَخَافُونَ عَذَابَهُۥٓ ۚ إ...

जिन्हें ये (मुश्रिक) लोग1 पुकारते हैं, वे स्वयं अपने पालनहार की निकटता का साधन2 तलाश करते हैं कि उनमें से कौन (अल्लाह...

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