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Al-Baqarah - आयत 18

2:18
पारा 1 · हिज़्ब 1 · पृष्ठ 4

صُمٌّۢ بُكْمٌ عُمْىٌ فَهُمْ لَا يَرْجِعُونَ﴿١٨﴾

(वे) बहरे हैं, गूँगे हैं, अंधे हैं। अतः वे नहीं लौटते।

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Al-Baqarah - 2:18

صُمٌّۢ بُكْمٌ عُمْىٌ فَهُمْ لَا يَرْجِعُونَ

(वे) बहरे हैं, गूँगे हैं, अंधे हैं। अतः वे नहीं लौटते।

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