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Al-Baqarah - आयत 218

2:218
पारा 2 · हिज़्ब 4 · पृष्ठ 34

إِنَّ ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَٱلَّذِينَ هَاجَرُوا۟ وَجَـٰهَدُوا۟ فِى سَبِيلِ ٱللَّهِ أُو۟لَـٰٓئِكَ يَرْجُونَ رَحْمَتَ ٱللَّهِ ۚ وَٱللَّهُ غَفُورٌ رَّحِيمٌ﴿٢١٨﴾

निःसंदेह जो लोग ईमान लाए और जिन्होंने हिजरत1 की तथा अल्लाह की राह में जिहाद किया, वही अल्लाह की दया की आशा रखते हैं तथा अल्लाह अत्यंत क्षमाशील, असीम दयालु है।

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Al-Baqarah - 2:218

إِنَّ ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَٱلَّذِينَ هَاجَرُوا۟ وَجَـٰهَدُوا۟ فِى سَبِيلِ ٱللَّهِ أُو۟لَـٰٓئِكَ يَرْجُونَ رَحْمَتَ ٱللَّهِ ۚ وَٱللَّهُ غَفُورٌ رّ...

निःसंदेह जो लोग ईमान लाए और जिन्होंने हिजरत1 की तथा अल्लाह की राह में जिहाद किया, वही अल्लाह की दया की आशा रखते हैं त...

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