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Al-Anbya - 21:87

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Al-Anbya - आयत 87

21:87
पारा 17 · हिज़्ब 33 · पृष्ठ 329

وَذَا ٱلنُّونِ إِذ ذَّهَبَ مُغَـٰضِبًا فَظَنَّ أَن لَّن نَّقْدِرَ عَلَيْهِ فَنَادَىٰ فِى ٱلظُّلُمَـٰتِ أَن لَّآ إِلَـٰهَ إِلَّآ أَنتَ سُبْحَـٰنَكَ إِنِّى كُنتُ مِنَ ٱلظَّـٰلِمِينَ﴿٨٧﴾

तथा मछली वाले1 (की कहानी याद करो), जब वह ग़ुस्से से भरा हुआ चला गया2 और उसने सोचा कि हम उसे तंगी में नहीं डालेंगे। अंततः उसने अंधेरों में पुकारा कि (ऐ अल्लाह!) तेरे सिवा कोई पूज्य नहीं, तू पवित्र है। निश्चय मैं ही अत्याचारियों में हो गया।3

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Al-Anbya - 21:87

وَذَا ٱلنُّونِ إِذ ذَّهَبَ مُغَـٰضِبًا فَظَنَّ أَن لَّن نَّقْدِرَ عَلَيْهِ فَنَادَىٰ فِى ٱلظُّلُمَـٰتِ أَن لَّآ إِلَـٰهَ إِلَّآ أَنتَ سُبْحَـٰنَك...

तथा मछली वाले1 (की कहानी याद करो), जब वह ग़ुस्से से भरा हुआ चला गया2 और उसने सोचा कि हम उसे तंगी में नहीं डालेंगे। अं...

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