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Ash-Shu'ara - 26:102

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Ash-Shu'ara - आयत 102

26:102
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 371

فَلَوْ أَنَّ لَنَا كَرَّةً فَنَكُونَ مِنَ ٱلْمُؤْمِنِينَ﴿١٠٢﴾

तो यदि वास्तव में हमारे लिए वापस जाने का अवसर होता, तो हम ईमानवालों में से हो जाते।1

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Ash-Shu'ara - 26:102

فَلَوْ أَنَّ لَنَا كَرَّةً فَنَكُونَ مِنَ ٱلْمُؤْمِنِينَ

तो यदि वास्तव में हमारे लिए वापस जाने का अवसर होता, तो हम ईमानवालों में से हो जाते।1

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