सामग्री पर जाएं
NurVerse
पवित्र क़ुरआननमाज़ का समयकैलेंडरहदीसदुआएं
Ad
Ad
Ad
Ad
NurVerse

क़ुरआन पढ़ें, नमाज़ के समय ट्रैक करें, दुआ करें और अपनी इस्लामी ज़िंदगी समृद्ध करें।

© 2026 NurVerse. सर्वाधिकार सुरक्षित।

ऐप इंस्टॉल करेंसंपर्कगोपनीयता नीतिउपयोग की शर्तें
← Ash-Shu'ara

Ash-Shu'ara - आयत 80

26:80
पारा 19 · हिज़्ब 37 · पृष्ठ 370

وَإِذَا مَرِضْتُ فَهُوَ يَشْفِينِ﴿٨٠﴾

और जब मैं बीमार होता हूँ, तो वही मुझे अच्छा करता है।

—

आयत शेयर करें

Ash-Shu'ara - 26:80

وَإِذَا مَرِضْتُ فَهُوَ يَشْفِينِ

और जब मैं बीमार होता हूँ, तो वही मुझे अच्छा करता है।

← पिछली आयतअगली आयत →