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Ali 'Imran - आयत 128

3:128
पारा 4 · हिज़्ब 7 · पृष्ठ 66

لَيْسَ لَكَ مِنَ ٱلْأَمْرِ شَىْءٌ أَوْ يَتُوبَ عَلَيْهِمْ أَوْ يُعَذِّبَهُمْ فَإِنَّهُمْ ظَـٰلِمُونَ﴿١٢٨﴾

(ऐ नबी!) इस1 मामले में आपको कोई अधिकार नहीं, अल्लाह चाहे तो उनकी तौबा क़बूल2 करे या उन्हें दंड3 दे, क्योंकि वे अत्याचारी हैं।

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Ali 'Imran - 3:128

لَيْسَ لَكَ مِنَ ٱلْأَمْرِ شَىْءٌ أَوْ يَتُوبَ عَلَيْهِمْ أَوْ يُعَذِّبَهُمْ فَإِنَّهُمْ ظَـٰلِمُونَ

(ऐ नबी!) इस1 मामले में आपको कोई अधिकार नहीं, अल्लाह चाहे तो उनकी तौबा क़बूल2 करे या उन्हें दंड3 दे, क्योंकि वे अत्याच...

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