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Ash-Shuraa - 42:17

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Ash-Shuraa - आयत 17

42:17
पारा 25 · हिज़्ब 49 · पृष्ठ 485

ٱللَّهُ ٱلَّذِىٓ أَنزَلَ ٱلْكِتَـٰبَ بِٱلْحَقِّ وَٱلْمِيزَانَ ۗ وَمَا يُدْرِيكَ لَعَلَّ ٱلسَّاعَةَ قَرِيبٌ﴿١٧﴾

अल्लाह ही है जिसने सत्य के साथ यह पुस्तक उतारी तथा तराज़ू1 भी, और आपको क्या चीज़ सूचित करती है शायद कि क़ियामत क़रीब हो।

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Ash-Shuraa - 42:17

ٱللَّهُ ٱلَّذِىٓ أَنزَلَ ٱلْكِتَـٰبَ بِٱلْحَقِّ وَٱلْمِيزَانَ ۗ وَمَا يُدْرِيكَ لَعَلَّ ٱلسَّاعَةَ قَرِيبٌ

अल्लाह ही है जिसने सत्य के साथ यह पुस्तक उतारी तथा तराज़ू1 भी, और आपको क्या चीज़ सूचित करती है शायद कि क़ियामत क़रीब हो।

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