सामग्री पर जाएं
NurVerse
पवित्र क़ुरआननमाज़ का समयकैलेंडरहदीसदुआएंcommon.blog
Ad
Ad
Ad
Ad
NurVerse

क़ुरआन पढ़ें, नमाज़ के समय ट्रैक करें, दुआ करें और अपनी इस्लामी ज़िंदगी समृद्ध करें।

© 2026 NurVerse. सर्वाधिकार सुरक्षित।

ऐप इंस्टॉल करेंसंपर्कगोपनीयता नीतिउपयोग की शर्तें

Ash-Shuraa - 42:34

← Ash-Shuraa

Ash-Shuraa - आयत 34

42:34
पारा 25 · हिज़्ब 49 · पृष्ठ 487

أَوْ يُوبِقْهُنَّ بِمَا كَسَبُوا۟ وَيَعْفُ عَن كَثِيرٍ﴿٣٤﴾

या वह उन्हें उसके कारण विनष्ट1 कर दे जो उन्होंने कमाया और वह बहुत-से पापों को क्षमा कर देता है।

—

आयत शेयर करें

Ash-Shuraa - 42:34

أَوْ يُوبِقْهُنَّ بِمَا كَسَبُوا۟ وَيَعْفُ عَن كَثِيرٍ

या वह उन्हें उसके कारण विनष्ट1 कर दे जो उन्होंने कमाया और वह बहुत-से पापों को क्षमा कर देता है।

← पिछली आयतअगली आयत →