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Duhân

मक्की·59 आयतें

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

44:1
पारा 25
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 496

حمٓ﴿١﴾

ह़ा, मीम।

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44:2
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 496

وَٱلْكِتَـٰبِ ٱلْمُبِينِ﴿٢﴾

क़सम है स्पष्ट करने वाली पुस्तक की।

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44:3
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 496

إِنَّآ أَنزَلْنَـٰهُ فِى لَيْلَةٍ مُّبَـٰرَكَةٍ ۚ إِنَّا كُنَّا مُنذِرِينَ﴿٣﴾

निःसंदेह हमने इसे1 एक बरकत वाली रात में उतारा है। निःसंदेह हम डराने वाले थे।

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44:4
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 496

فِيهَا يُفْرَقُ كُلُّ أَمْرٍ حَكِيمٍ﴿٤﴾

इसी (रात) में प्रत्येक अटल मामले का निर्णय किया जाता है।

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44:5
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 496

أَمْرًا مِّنْ عِندِنَآ ۚ إِنَّا كُنَّا مُرْسِلِينَ﴿٥﴾

हमारी ओर से आदेश के कारण। निःसंदेह हम ही भेजने वाले थे।

—
44:6
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 496

رَحْمَةً مِّن رَّبِّكَ ۚ إِنَّهُۥ هُوَ ٱلسَّمِيعُ ٱلْعَلِيمُ﴿٦﴾

आपके पालनहार की दया के कारण। निश्चय वही सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।

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44:7
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 496

رَبِّ ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ وَمَا بَيْنَهُمَآ ۖ إِن كُنتُم مُّوقِنِينَ﴿٧﴾

जो आकाशों तथा धरती और उन दोनों के बीच मौजूद सारी चीज़ों का पालनहार है, यदि तुम विश्वास करने वाले हो।

—
44:8
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 496

لَآ إِلَـٰهَ إِلَّا هُوَ يُحْىِۦ وَيُمِيتُ ۖ رَبُّكُمْ وَرَبُّ ءَابَآئِكُمُ ٱلْأَوَّلِينَ﴿٨﴾

उसके अतिरिक्त कोई सत्य पूज्य नहीं। वही जीवित करता और मारता है। तुम्हारा पालनहार तथा तुम्हारे पहले बाप-दादाओं का पालनहार है।

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44:9
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 496

بَلْ هُمْ فِى شَكٍّ يَلْعَبُونَ﴿٩﴾

बल्कि वे संदेह में पड़े खेल रहे हैं।

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44:10
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 496

فَٱرْتَقِبْ يَوْمَ تَأْتِى ٱلسَّمَآءُ بِدُخَانٍ مُّبِينٍ﴿١٠﴾

तो आप उस दिन की प्रतीक्षा करें, जब आकाश प्रत्यक्ष धुआँ1 लाएगा।

—
44:11
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 496

يَغْشَى ٱلنَّاسَ ۖ هَـٰذَا عَذَابٌ أَلِيمٌ﴿١١﴾

जो लोगों को ढाँप लेगा। यह दुःखदायी यातना है।

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44:12
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 496

رَّبَّنَا ٱكْشِفْ عَنَّا ٱلْعَذَابَ إِنَّا مُؤْمِنُونَ﴿١٢﴾

ऐ हमारे पालनहार! हमसे यह यातना दूर कर दे। निःसंदेह हम ईमान लाने वाले हैं।

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44:13
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 496

أَنَّىٰ لَهُمُ ٱلذِّكْرَىٰ وَقَدْ جَآءَهُمْ رَسُولٌ مُّبِينٌ﴿١٣﴾

उनके लिए नसीहत कहाँ? हालाँकि, निश्चित रूप से उनके पास स्पष्ट करने वाला रसूल आ चुका।

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44:14
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 496

ثُمَّ تَوَلَّوْا۟ عَنْهُ وَقَالُوا۟ مُعَلَّمٌ مَّجْنُونٌ﴿١٤﴾

फिर उन्होंने उससे मुँह फेर लिया और उन्होंने कहा : यह तो सिखाया हुआ है, यह पागल है।

—
44:15
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 496

إِنَّا كَاشِفُوا۟ ٱلْعَذَابِ قَلِيلًا ۚ إِنَّكُمْ عَآئِدُونَ﴿١٥﴾

निःसंदेह हम इस यातना को थोड़ी देर के लिए दूर करने वाले हैं। (परंतु) निःसंदेह तुम फिर वही कुछ करने वाले हो।

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44:16
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 496

يَوْمَ نَبْطِشُ ٱلْبَطْشَةَ ٱلْكُبْرَىٰٓ إِنَّا مُنتَقِمُونَ﴿١٦﴾

जिस दिन हम बड़ी पकड़1 पकड़ेंगे, निःसंदेह हम बदला लेने वाले हैं।

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44:17
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 496

۞ وَلَقَدْ فَتَنَّا قَبْلَهُمْ قَوْمَ فِرْعَوْنَ وَجَآءَهُمْ رَسُولٌ كَرِيمٌ﴿١٧﴾

तथा निःसंदेह हमने इनसे पूर्व फ़िरऔन की जाति की परीक्षा ली तथा उनके पास एक अति सम्मानित रसूल आया।

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44:18
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 496

أَنْ أَدُّوٓا۟ إِلَىَّ عِبَادَ ٱللَّهِ ۖ إِنِّى لَكُمْ رَسُولٌ أَمِينٌ﴿١٨﴾

यह कि अल्लाह के बंदों को मेरे हवाले कर दो। निश्चय मैं तुम्हारे लिए एक अमानतदार रसूल हूँ।

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44:19
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 497

وَأَن لَّا تَعْلُوا۟ عَلَى ٱللَّهِ ۖ إِنِّىٓ ءَاتِيكُم بِسُلْطَـٰنٍ مُّبِينٍ﴿١٩﴾

तथा यह कि अल्लाह के मुक़ाबले में सरकशी न करो, निःसंदेह मैं तुम्हारे पास स्पष्ट प्रमाण लाने वाला हूँ।

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44:20
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 497

وَإِنِّى عُذْتُ بِرَبِّى وَرَبِّكُمْ أَن تَرْجُمُونِ﴿٢٠﴾

तथा निःसंदेह मैंने अपने पालनहार तथा तुम्हारे पालनहार की इससे शरण ली है कि तुम मुझपर पथराव कर मेरी जान ले लो।

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44:21
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 497

وَإِن لَّمْ تُؤْمِنُوا۟ لِى فَٱعْتَزِلُونِ﴿٢١﴾

और अगर तुम मेरी बात नहीं मानते, तो मुझसे दूर रहो।

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44:22
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 497

فَدَعَا رَبَّهُۥٓ أَنَّ هَـٰٓؤُلَآءِ قَوْمٌ مُّجْرِمُونَ﴿٢٢﴾

अंततः उसने अपने पालनहार को पुकारा कि निःसंदेह ये अपराधी लोग हैं।

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44:23
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 497

فَأَسْرِ بِعِبَادِى لَيْلًا إِنَّكُم مُّتَّبَعُونَ﴿٢٣﴾

अतः तुम मेरे बंदों को लेकर रातों-रात चले जाओ। निःसंदेह तुम्हारा पीछा किया जाएगा।

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44:24
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 497

وَٱتْرُكِ ٱلْبَحْرَ رَهْوًا ۖ إِنَّهُمْ جُندٌ مُّغْرَقُونَ﴿٢٤﴾

तथा सागर को अपनी दशा पर ठहरा हुआ छोड़ दे। निःसंदेह वे एक ऐसी सेना हैं, जो डुबोए जाने वाले हैं।

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44:25
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 497

كَمْ تَرَكُوا۟ مِن جَنَّـٰتٍ وَعُيُونٍ﴿٢٥﴾

वे कितने ही बाग़ और जल स्रोत छोड़ गए।

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44:26
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 497

وَزُرُوعٍ وَمَقَامٍ كَرِيمٍ﴿٢٦﴾

तथा खेतियाँ और बढ़िया स्थान।

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44:27
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 497

وَنَعْمَةٍ كَانُوا۟ فِيهَا فَـٰكِهِينَ﴿٢٧﴾

तथा सुख-सामग्री, जिनमें वे आनंद ले रहे थे।

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44:28
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 497

كَذَٰلِكَ ۖ وَأَوْرَثْنَـٰهَا قَوْمًا ءَاخَرِينَ﴿٢٨﴾

ऐसा ही हुआ और हमने उनका उत्तराधिकारी दूसरे1 लोगों को बना दिया।

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44:29
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 497

فَمَا بَكَتْ عَلَيْهِمُ ٱلسَّمَآءُ وَٱلْأَرْضُ وَمَا كَانُوا۟ مُنظَرِينَ﴿٢٩﴾

फिर न उनपर आकाश और धरती रोए और न वे मोहलत पाने वाले हुए।

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44:30
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 497

وَلَقَدْ نَجَّيْنَا بَنِىٓ إِسْرَٰٓءِيلَ مِنَ ٱلْعَذَابِ ٱلْمُهِينِ﴿٣٠﴾

तथा निःसंदेह हमने इसराईल की संतान को अपमानकारी यातना से बचा लिया।

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44:31
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 497

مِن فِرْعَوْنَ ۚ إِنَّهُۥ كَانَ عَالِيًا مِّنَ ٱلْمُسْرِفِينَ﴿٣١﴾

फ़िरऔन से। निःसंदेह वह हद से बढ़ने वालों में से एक सरकश व्यक्ति था।

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44:32
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 497

وَلَقَدِ ٱخْتَرْنَـٰهُمْ عَلَىٰ عِلْمٍ عَلَى ٱلْعَـٰلَمِينَ﴿٣٢﴾

तथा निःसंदेह हमने उन्हें ज्ञान के आधार पर संसार वासियों पर चुन लिया।

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44:33
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 497

وَءَاتَيْنَـٰهُم مِّنَ ٱلْـَٔايَـٰتِ مَا فِيهِ بَلَـٰٓؤٌا۟ مُّبِينٌ﴿٣٣﴾

तथा हमने उन्हें ऐसी निशानियाँ प्रदान कीं, जिनमें खुली परीछा थी।

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44:34
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 497

إِنَّ هَـٰٓؤُلَآءِ لَيَقُولُونَ﴿٣٤﴾

निःसंदेह ये1 लोग निश्चय कहते हैं।

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44:35
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 497

إِنْ هِىَ إِلَّا مَوْتَتُنَا ٱلْأُولَىٰ وَمَا نَحْنُ بِمُنشَرِينَ﴿٣٥﴾

कि हमारी इस पहली मृत्यु के सिवा कोई (मृत्यु) नहीं, और न हम कभी दोबारा उठाए जाएँगे।

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44:36
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 497

فَأْتُوا۟ بِـَٔابَآئِنَآ إِن كُنتُمْ صَـٰدِقِينَ﴿٣٦﴾

तो तुम हमारे बाप-दादा को ले आओ, यदि तुम सच्चे हो?

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44:37
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 497

أَهُمْ خَيْرٌ أَمْ قَوْمُ تُبَّعٍ وَٱلَّذِينَ مِن قَبْلِهِمْ ۚ أَهْلَكْنَـٰهُمْ ۖ إِنَّهُمْ كَانُوا۟ مُجْرِمِينَ﴿٣٧﴾

क्या ये लोग बेहतर हैं, अथवा तुब्बा' की जाति1 तथा वे लोग जो उनसे पूर्व थे? हमने उन्हें विनष्ट कर दिया। निःसंदेह वे अपराधी थे।

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44:38
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 497

وَمَا خَلَقْنَا ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضَ وَمَا بَيْنَهُمَا لَـٰعِبِينَ﴿٣٨﴾

और हमने आकाशों और धरती को और जो कुछ उनके बीच है, खेलते हुए नहीं बनाया है।

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44:39
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 497

مَا خَلَقْنَـٰهُمَآ إِلَّا بِٱلْحَقِّ وَلَـٰكِنَّ أَكْثَرَهُمْ لَا يَعْلَمُونَ﴿٣٩﴾

हमने उन दोनों को सत्य ही के साथ पैदा किया है, किंतु उनमें से अधिकतर लोग नहीं जानते।

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44:40
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 498

إِنَّ يَوْمَ ٱلْفَصْلِ مِيقَـٰتُهُمْ أَجْمَعِينَ﴿٤٠﴾

निश्चय फ़ैसले1 का दिन उन सब का नियत समय है।

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44:41
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 498

يَوْمَ لَا يُغْنِى مَوْلًى عَن مَّوْلًى شَيْـًٔا وَلَا هُمْ يُنصَرُونَ﴿٤١﴾

जिस दिन कोई साथी किसी साथी के कुछ काम न आएगा और न उनकी सहायता की जाएगी।

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44:42
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 498

إِلَّا مَن رَّحِمَ ٱللَّهُ ۚ إِنَّهُۥ هُوَ ٱلْعَزِيزُ ٱلرَّحِيمُ﴿٤٢﴾

किंतु जिसपर अल्लाह ने दया की, निःसंदेह वही सबपर प्रभुत्वशाली, अत्यंत दयावान है।

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44:43
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 498

إِنَّ شَجَرَتَ ٱلزَّقُّومِ﴿٤٣﴾

निःसंदेह ज़क़्क़ूम (थूहड़) का वृक्ष।

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44:44
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 498

طَعَامُ ٱلْأَثِيمِ﴿٤٤﴾

पापी का भोजन है।

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44:45
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 498

كَٱلْمُهْلِ يَغْلِى فِى ٱلْبُطُونِ﴿٤٥﴾

पिघले हुए ताँबे (या तलछट) की तरह, पेटों में खौलता है।

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44:46
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 498

كَغَلْىِ ٱلْحَمِيمِ﴿٤٦﴾

गर्म पानी के खौलने की तरह।

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44:47
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 498

خُذُوهُ فَٱعْتِلُوهُ إِلَىٰ سَوَآءِ ٱلْجَحِيمِ﴿٤٧﴾

इसे पकड़ो, फिर इसे धधकती आग के बीच तक घसीटकर ले जाओ।

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44:48
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 498

ثُمَّ صُبُّوا۟ فَوْقَ رَأْسِهِۦ مِنْ عَذَابِ ٱلْحَمِيمِ﴿٤٨﴾

फिर खौलते हुए पानी की कुछ यातना उसके सिर पर उँडेल दो।1

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44:49
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 498

ذُقْ إِنَّكَ أَنتَ ٱلْعَزِيزُ ٱلْكَرِيمُ﴿٤٩﴾

चख, निःसंदेह तू ही वह व्यक्ति है जो बड़ा बलशाली और सम्माननीय है।

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44:50
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 498

إِنَّ هَـٰذَا مَا كُنتُم بِهِۦ تَمْتَرُونَ﴿٥٠﴾

निःसंदे यह वही है जिसके बारे में तुम संदेह करते थे।

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