सामग्री पर जाएं
NurVerse
पवित्र क़ुरआननमाज़ का समयकैलेंडरहदीसदुआएं
Ad
Ad
Ad
Ad
NurVerse

क़ुरआन पढ़ें, नमाज़ के समय ट्रैक करें, दुआ करें और अपनी इस्लामी ज़िंदगी समृद्ध करें।

© 2026 NurVerse. सर्वाधिकार सुरक्षित।

ऐप इंस्टॉल करेंसंपर्कगोपनीयता नीतिउपयोग की शर्तें
सूरह सूची
मुसहफ़ व्यू
0/26

الغاشية

Al-Ghashiyah

Gâşiye

मक्की·26 आयतें

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

88:1
पारा 30
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 592

هَلْ أَتَىٰكَ حَدِيثُ ٱلْغَـٰشِيَةِ﴿١﴾

क्या तेरे पास ढाँपने लेने वाली (क़ियामत) की ख़बर पहुँची?

—
88:2
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 592

وُجُوهٌ يَوْمَئِذٍ خَـٰشِعَةٌ﴿٢﴾

उस दिन कई चेहरे अपमानित होंगे।

—
88:3
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 592

عَامِلَةٌ نَّاصِبَةٌ﴿٣﴾

कठिन परिश्रम करने वाले, थक जाने वाले।

—
88:4
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 592

تَصْلَىٰ نَارًا حَامِيَةً﴿٤﴾

वे गर्म धधकती आग में प्रवेश करेंगे।

—
88:5
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 592

تُسْقَىٰ مِنْ عَيْنٍ ءَانِيَةٍ﴿٥﴾

उन्हें खौलते सोते का जल पिलाया जाएगा।

—
88:6
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 592

لَّيْسَ لَهُمْ طَعَامٌ إِلَّا مِن ضَرِيعٍ﴿٦﴾

उनके लिए कांटेदार झाड़ के सिवा कोई खाना नहीं होगा।

—
88:7
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 592

لَّا يُسْمِنُ وَلَا يُغْنِى مِن جُوعٍ﴿٧﴾

जो न मोटा करेगा और न भूख मिटाएगा।1

—
88:8
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 592

وُجُوهٌ يَوْمَئِذٍ نَّاعِمَةٌ﴿٨﴾

उस दिन कई चेहरे प्रफुल्लित होंगे।

—
88:9
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 592

لِّسَعْيِهَا رَاضِيَةٌ﴿٩﴾

अपने प्रयास पर प्रसन्न होंगे।

—
88:10
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 592

فِى جَنَّةٍ عَالِيَةٍ﴿١٠﴾

ऊँची जन्नत में होंगे।

—
88:11
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 592

لَّا تَسْمَعُ فِيهَا لَـٰغِيَةً﴿١١﴾

उसमें कोई बेकार (अशिष्ट) बात नहीं सुनेंगे।

—
88:12
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 592

فِيهَا عَيْنٌ جَارِيَةٌ﴿١٢﴾

उसमें बहने वाले स्रोत (चश्मे) हैं।

—
88:13
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 592

فِيهَا سُرُرٌ مَّرْفُوعَةٌ﴿١٣﴾

उसमें ऊँचे-ऊँचे तख्त हैं।

—
88:14
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 592

وَأَكْوَابٌ مَّوْضُوعَةٌ﴿١٤﴾

और (पीने वालों के लिए तैयार) रखे हुए प्याले हैं।

—
88:15
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 592

وَنَمَارِقُ مَصْفُوفَةٌ﴿١٥﴾

और क्रम में लगे हुए गाव-तकिए हैं।

—
88:16
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 592

وَزَرَابِىُّ مَبْثُوثَةٌ﴿١٦﴾

और बिछाए हुए क़ालीन हैं।1

—
88:17
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 592

أَفَلَا يَنظُرُونَ إِلَى ٱلْإِبِلِ كَيْفَ خُلِقَتْ﴿١٧﴾

क्या वे ऊँटों को नहीं देखते कि वे कैसे पैदा किए गए हैं?

—
88:18
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 592

وَإِلَى ٱلسَّمَآءِ كَيْفَ رُفِعَتْ﴿١٨﴾

और आकाश को (नहीं देखते) कि उसे कैसे ऊँचा किया गया?

—
88:19
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 592

وَإِلَى ٱلْجِبَالِ كَيْفَ نُصِبَتْ﴿١٩﴾

और पर्वतों को (नहीं देखते) कि कैसे गाड़े गए हैं?

—
88:20
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 592

وَإِلَى ٱلْأَرْضِ كَيْفَ سُطِحَتْ﴿٢٠﴾

तथा धरती को (नहीं देखते) कि कैसे बिछाई गई है?1

—
88:21
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 592

فَذَكِّرْ إِنَّمَآ أَنتَ مُذَكِّرٌ﴿٢١﴾

अतः आप नसीहत करें, आप केवल नसीहत करने वाले हैं।

—
88:22
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 592

لَّسْتَ عَلَيْهِم بِمُصَيْطِرٍ﴿٢٢﴾

आप उनपर कोई दरोग़ा (नियंत्रक) नहीं हैं।

—
88:23
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 593

إِلَّا مَن تَوَلَّىٰ وَكَفَرَ﴿٢٣﴾

परंतु जिसने मुँह फेरा और कुफ़्र किया।

—
88:24
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 593

فَيُعَذِّبُهُ ٱللَّهُ ٱلْعَذَابَ ٱلْأَكْبَرَ﴿٢٤﴾

तो अल्लाह उसे सबसे बड़ी यातना देगा।

—
88:25
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 593

إِنَّ إِلَيْنَآ إِيَابَهُمْ﴿٢٥﴾

निःसंदेह हमारी ही ओर उनका लौटकर आना है।

—
88:26
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 593

ثُمَّ إِنَّ عَلَيْنَا حِسَابَهُم﴿٢٦﴾

फिर बेशक हमारे ही ज़िम्मे उनका ह़िसाब लेना है।1

—
पिछली आयतAl-A'laअगली आयतAl-Fajr