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At-Tawbah - आयत 32

9:32
पारा 10 · हिज़्ब 19 · पृष्ठ 192

يُرِيدُونَ أَن يُطْفِـُٔوا۟ نُورَ ٱللَّهِ بِأَفْوَٰهِهِمْ وَيَأْبَى ٱللَّهُ إِلَّآ أَن يُتِمَّ نُورَهُۥ وَلَوْ كَرِهَ ٱلْكَـٰفِرُونَ﴿٣٢﴾

वे चाहते हैं कि अल्लाह के प्रकाश को अपने मुँह से से बुझा1 दें, हालाँकि अल्लाह अपने प्रकाश को पूरा किए बिना नहीं रहेगा, भले ही काफिरों को बुरा लगे।

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At-Tawbah - 9:32

يُرِيدُونَ أَن يُطْفِـُٔوا۟ نُورَ ٱللَّهِ بِأَفْوَٰهِهِمْ وَيَأْبَى ٱللَّهُ إِلَّآ أَن يُتِمَّ نُورَهُۥ وَلَوْ كَرِهَ ٱلْكَـٰفِرُونَ

वे चाहते हैं कि अल्लाह के प्रकाश को अपने मुँह से से बुझा1 दें, हालाँकि अल्लाह अपने प्रकाश को पूरा किए बिना नहीं रहेगा...

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