سَلَـٰمٌ هِىَ حَتَّىٰ مَطْلَعِ ٱلْفَجْرِ﴿٥﴾
वह रात फ़ज्र उदय होने तक सर्वथा सलामती (शांति) है।1
Al-Qadr - 97:5
سَلَـٰمٌ هِىَ حَتَّىٰ مَطْلَعِ ٱلْفَجْرِ