हमने बनी इसराइल को समुंदर पार कराया; फ़िरऔन और उसकी फ़ौज ने दुश्मनी में उनका पीछा किया।
आशूरे का दिन मुहर्रम की 10वीं तारीख़ है, जिस दिन हज़रत मूसा और उनकी क़ौम को फ़िरऔन के ज़ुल्म से नजात मिली थी। इस दिन रोज़ा रखना सुन्नत है।
हमने बनी इसराइल को समुंदर पार कराया; फ़िरऔन और उसकी फ़ौज ने दुश्मनी में उनका पीछा किया।
हमने मूसा को वही की: अपनी लाठी से समुंदर पर मारो। समुंदर फट गया।
यह मुहर्रम की दसवीं तारीख़ है। मूसा से मेरा रिश्ता तुमसे ज़्यादा क़रीब है। इस दिन रोज़ा रखो।
आशूरे का रोज़ा पिछले साल के गुनाहों का कफ़्फ़ारा है।
इस मुबारक दिन पर सुझाई गई इबादतें: