रमज़ान के बारे में: रोज़े की हिकमत और क़ुरआन का नज़ूल।
ईद-उल-फ़ित्र रमज़ान के रोज़ों के बाद ख़ुशी और शुक्रगुज़ारी का दिन है। मुसलमान ईद की नमाज़ पढ़ते हैं, ज़कात-उल-फ़ित्र देते हैं और परिवार व पड़ोसियों से मिलते हैं।
रमज़ान के बारे में: रोज़े की हिकमत और क़ुरआन का नज़ूल।
रोज़े की फ़र्ज़ियत और पिछली उम्मतों में उसका मक़ाम।
रोज़ेदार के लिए दो ख़ुशियाँ हैं: एक इफ़्तार के वक़्त और दूसरी अपने रब से मुलाक़ात के वक़्त।
ईद के दिनों में रोज़ा मना है; ये खाने-पीने और अल्लाह को याद करने के दिन हैं।
इस मुबारक दिन पर सुझाई गई इबादतें: