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الذاريات

Adh-Dhariyat

Zâriyât

मक्की·60 आयतें

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

51:1
पारा 26
पारा 26 · हिज़्ब 52 · पृष्ठ 520

وَٱلذَّٰرِيَـٰتِ ذَرْوًا﴿١﴾

क़सम है उन (हवाओं) की जो (धूल आदि) उड़ाने वाली हैं!

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51:2
पारा 26 · हिज़्ब 52 · पृष्ठ 520

فَٱلْحَـٰمِلَـٰتِ وِقْرًا﴿٢﴾

फिर पानी का बड़ा भारी बोझ उठाने वाले बादलों की!

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51:3
पारा 26 · हिज़्ब 52 · पृष्ठ 520

فَٱلْجَـٰرِيَـٰتِ يُسْرًا﴿٣﴾

फिर आसानी से चलने वाली नावों की!

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51:4
पारा 26 · हिज़्ब 52 · पृष्ठ 520

فَٱلْمُقَسِّمَـٰتِ أَمْرًا﴿٤﴾

फिर (अल्लाह का) आदेश बाँटने वाले (फ़रिश्तों की)!

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51:5
पारा 26 · हिज़्ब 52 · पृष्ठ 520

إِنَّمَا تُوعَدُونَ لَصَادِقٌ﴿٥﴾

निःसंदेह जो तुमसे वादा किया जाता है, निश्चय वह सत्य है।1

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51:6
पारा 26 · हिज़्ब 52 · पृष्ठ 520

وَإِنَّ ٱلدِّينَ لَوَٰقِعٌ﴿٦﴾

तथा निःसंदेह हिसाब अनिवार्य रूप से घटित होने वाला है।

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51:7
पारा 26 · हिज़्ब 52 · पृष्ठ 521

وَٱلسَّمَآءِ ذَاتِ ٱلْحُبُكِ﴿٧﴾

क़सम है रास्तों वाले आकाश की!

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51:8
पारा 26 · हिज़्ब 52 · पृष्ठ 521

إِنَّكُمْ لَفِى قَوْلٍ مُّخْتَلِفٍ﴿٨﴾

निःसंदेह तुम निश्चय एक विवादास्पद बात1 में पड़े हो।

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51:9
पारा 26 · हिज़्ब 52 · पृष्ठ 521

يُؤْفَكُ عَنْهُ مَنْ أُفِكَ﴿٩﴾

उससे वही फेरा जाता है, जो (अल्लाह के ज्ञान में) फेर दिया गया है।

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51:10
पारा 26 · हिज़्ब 52 · पृष्ठ 521

قُتِلَ ٱلْخَرَّٰصُونَ﴿١٠﴾

अटकल लगाने वाले मारे गए।

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51:11
पारा 26 · हिज़्ब 52 · पृष्ठ 521

ٱلَّذِينَ هُمْ فِى غَمْرَةٍ سَاهُونَ﴿١١﴾

जो बड़ी ग़फ़लत में भूले हुए हैं।

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51:12
पारा 26 · हिज़्ब 52 · पृष्ठ 521

يَسْـَٔلُونَ أَيَّانَ يَوْمُ ٱلدِّينِ﴿١٢﴾

वे पूछते1 हैं कि बदले का दिन कब है?

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51:13
पारा 26 · हिज़्ब 52 · पृष्ठ 521

يَوْمَ هُمْ عَلَى ٱلنَّارِ يُفْتَنُونَ﴿١٣﴾

जिस दिन वे आग पर तपाए जाएँगे।

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51:14
पारा 26 · हिज़्ब 52 · पृष्ठ 521

ذُوقُوا۟ فِتْنَتَكُمْ هَـٰذَا ٱلَّذِى كُنتُم بِهِۦ تَسْتَعْجِلُونَ﴿١٤﴾

अपने फ़ितने (यातना) का मज़ा चखो, यही है जिसके लिए तुम जल्दी मचा रहे थे।

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51:15
पारा 26 · हिज़्ब 52 · पृष्ठ 521

إِنَّ ٱلْمُتَّقِينَ فِى جَنَّـٰتٍ وَعُيُونٍ﴿١٥﴾

निःसंदेह परहेज़गार लोग बाग़ों और जल स्रोतों में होंगे।

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51:16
पारा 26 · हिज़्ब 52 · पृष्ठ 521

ءَاخِذِينَ مَآ ءَاتَىٰهُمْ رَبُّهُمْ ۚ إِنَّهُمْ كَانُوا۟ قَبْلَ ذَٰلِكَ مُحْسِنِينَ﴿١٦﴾

जो कुछ उनका रब उन्हें देगा, उसे वे लेने वाले होंगे। निश्चय ही वे इससे पहले नेकी करने वाले थे।

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51:17
पारा 26 · हिज़्ब 52 · पृष्ठ 521

كَانُوا۟ قَلِيلًا مِّنَ ٱلَّيْلِ مَا يَهْجَعُونَ﴿١٧﴾

वे रात के बहुत थोड़े भाग में सोते थे।1

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51:18
पारा 26 · हिज़्ब 52 · पृष्ठ 521

وَبِٱلْأَسْحَارِ هُمْ يَسْتَغْفِرُونَ﴿١٨﴾

तथा रात्रि की अंतिम घड़ियों1 में वे क्षमा याचना करते थे।

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51:19
पारा 26 · हिज़्ब 52 · पृष्ठ 521

وَفِىٓ أَمْوَٰلِهِمْ حَقٌّ لِّلسَّآئِلِ وَٱلْمَحْرُومِ﴿١٩﴾

और उनके धनों में माँगने वाले तथा वंचित1 के लिए एक हक़ (हिस्सा) था।

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51:20
पारा 26 · हिज़्ब 52 · पृष्ठ 521

وَفِى ٱلْأَرْضِ ءَايَـٰتٌ لِّلْمُوقِنِينَ﴿٢٠﴾

तथा धरती में विश्वास करने वालों के लिए बहुत-सी निशानियाँ हैं।

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51:21
पारा 26 · हिज़्ब 52 · पृष्ठ 521

وَفِىٓ أَنفُسِكُمْ ۚ أَفَلَا تُبْصِرُونَ﴿٢١﴾

तथा स्वयं तुम्हारे भीतर (भी)। तो क्या तुम नहीं देखते?

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51:22
पारा 26 · हिज़्ब 52 · पृष्ठ 521

وَفِى ٱلسَّمَآءِ رِزْقُكُمْ وَمَا تُوعَدُونَ﴿٢٢﴾

और आकाश ही में तुम्हारी रोज़ी1 है तथा वह भी जिसका तुमसे वादा किया जा रहा है।

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51:23
पारा 26 · हिज़्ब 52 · पृष्ठ 521

فَوَرَبِّ ٱلسَّمَآءِ وَٱلْأَرْضِ إِنَّهُۥ لَحَقٌّ مِّثْلَ مَآ أَنَّكُمْ تَنطِقُونَ﴿٢٣﴾

सो क़सम है आकाश एवं धरती के पालनहार की! निःसंदेह यह बात निश्चित रूप से सत्य है, इस बात की तरह कि निःसंदेह तुम बोलते हो।1

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51:24
पारा 26 · हिज़्ब 52 · पृष्ठ 521

هَلْ أَتَىٰكَ حَدِيثُ ضَيْفِ إِبْرَٰهِيمَ ٱلْمُكْرَمِينَ﴿٢٤﴾

क्या आपके पास इबराहीम के सम्मानित अतिथियों की सूचना आई है?

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51:25
पारा 26 · हिज़्ब 52 · पृष्ठ 521

إِذْ دَخَلُوا۟ عَلَيْهِ فَقَالُوا۟ سَلَـٰمًا ۖ قَالَ سَلَـٰمٌ قَوْمٌ مُّنكَرُونَ﴿٢٥﴾

जब वे उसके पास आए, तो उन्होंने सलाम कहा। उसने कहा : सलाम हो। कुछ अपरिचित लोग हैं।

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51:26
पारा 26 · हिज़्ब 52 · पृष्ठ 521

فَرَاغَ إِلَىٰٓ أَهْلِهِۦ فَجَآءَ بِعِجْلٍ سَمِينٍ﴿٢٦﴾

फिर वह चुपके से अपने घरवालों के पास गया। फिर एक मोटा-ताज़ा (भुना हुआ) बछड़ा ले आया।

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51:27
पारा 26 · हिज़्ब 52 · पृष्ठ 521

فَقَرَّبَهُۥٓ إِلَيْهِمْ قَالَ أَلَا تَأْكُلُونَ﴿٢٧﴾

फिर उसे उनके सामने रख दिया। कहा : क्या तुम नहीं खाते?

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51:28
पारा 26 · हिज़्ब 52 · पृष्ठ 521

فَأَوْجَسَ مِنْهُمْ خِيفَةً ۖ قَالُوا۟ لَا تَخَفْ ۖ وَبَشَّرُوهُ بِغُلَـٰمٍ عَلِيمٍ﴿٢٨﴾

तो उसने उनसे दिल में डर महसूस किया। उन्होंने कहा : डरो नहीं। और उन्होंने उसे एक बहुत ही ज्ञानी पुत्र की शुभ-सूचना दी।

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51:29
पारा 26 · हिज़्ब 52 · पृष्ठ 521

فَأَقْبَلَتِ ٱمْرَأَتُهُۥ فِى صَرَّةٍ فَصَكَّتْ وَجْهَهَا وَقَالَتْ عَجُوزٌ عَقِيمٌ﴿٢٩﴾

यह सुनकर उसकी पत्नी चिल्लाती हुई आगे आई, तो उसने अपना चेहरा पीट लिया और बोली : बूढ़ी बाँझ!

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51:30
पारा 26 · हिज़्ब 52 · पृष्ठ 521

قَالُوا۟ كَذَٰلِكِ قَالَ رَبُّكِ ۖ إِنَّهُۥ هُوَ ٱلْحَكِيمُ ٱلْعَلِيمُ﴿٣٠﴾

उन्होंने कहा : तेरे पालनहार ने ऐसे ही फरमाया है। निश्चय वही पूर्ण हिकमत वाला, अत्यंत ज्ञानी है।

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51:31
पारा 27 · हिज़्ब 53 · पृष्ठ 522

۞ قَالَ فَمَا خَطْبُكُمْ أَيُّهَا ٱلْمُرْسَلُونَ﴿٣١﴾

उसने कहा : ऐ भेजे हुए (दूतो!) तुम्हारा अभियान क्या है?

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51:32
पारा 27 · हिज़्ब 53 · पृष्ठ 522

قَالُوٓا۟ إِنَّآ أُرْسِلْنَآ إِلَىٰ قَوْمٍ مُّجْرِمِينَ﴿٣٢﴾

उन्होंने कहा : निःसंदेह हम कुछ अपराधी लोगों की ओर भेजे गए हैं।

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51:33
पारा 27 · हिज़्ब 53 · पृष्ठ 522

لِنُرْسِلَ عَلَيْهِمْ حِجَارَةً مِّن طِينٍ﴿٣٣﴾

ताकि हम उनपर मिट्टी के पत्थर बरसाएँ।

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51:34
पारा 27 · हिज़्ब 53 · पृष्ठ 522

مُّسَوَّمَةً عِندَ رَبِّكَ لِلْمُسْرِفِينَ﴿٣٤﴾

जो तुम्हारे पालनहार के पास से सीमा से आगे बढ़ने वालों के लिए चिह्नित1 हैं।

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51:35
पारा 27 · हिज़्ब 53 · पृष्ठ 522

فَأَخْرَجْنَا مَن كَانَ فِيهَا مِنَ ٱلْمُؤْمِنِينَ﴿٣٥﴾

फिर हमने उस (बस्ती) में जो भी ईमानवाले थे उन्हें निकाल लिया।

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51:36
पारा 27 · हिज़्ब 53 · पृष्ठ 522

فَمَا وَجَدْنَا فِيهَا غَيْرَ بَيْتٍ مِّنَ ٱلْمُسْلِمِينَ﴿٣٦﴾

तो हमने उसमें मुसलमानों के एक घर1 के सिवा कोई और नहीं पाया।

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51:37
पारा 27 · हिज़्ब 53 · पृष्ठ 522

وَتَرَكْنَا فِيهَآ ءَايَةً لِّلَّذِينَ يَخَافُونَ ٱلْعَذَابَ ٱلْأَلِيمَ﴿٣٧﴾

तथा हमने उसमें उन लोगों के लिए एक निशानी छोड़ दी, जो दुःखदायी यातना से डरते हैं।

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51:38
पारा 27 · हिज़्ब 53 · पृष्ठ 522

وَفِى مُوسَىٰٓ إِذْ أَرْسَلْنَـٰهُ إِلَىٰ فِرْعَوْنَ بِسُلْطَـٰنٍ مُّبِينٍ﴿٣٨﴾

तथा मूसा (की कहानी) में (भी एक निशानी है), जब हमने उसे फ़िरऔन की ओर एक स्पष्ट प्रमाण देकर भेजा।

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51:39
पारा 27 · हिज़्ब 53 · पृष्ठ 522

فَتَوَلَّىٰ بِرُكْنِهِۦ وَقَالَ سَـٰحِرٌ أَوْ مَجْنُونٌ﴿٣٩﴾

तो उसने अपनी शक्ति के कारण मुँह फेर लिया और उसने कहा : यह जादूगर है, या पागल।

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51:40
पारा 27 · हिज़्ब 53 · पृष्ठ 522

فَأَخَذْنَـٰهُ وَجُنُودَهُۥ فَنَبَذْنَـٰهُمْ فِى ٱلْيَمِّ وَهُوَ مُلِيمٌ﴿٤٠﴾

अंततः हमने उसे और उसकी सेनाओं को पकड़ लिया, फिर उन्हें समुद्र में फेंक दिया, जबकि वह एक निंदनीय काम करने वाला था।

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51:41
पारा 27 · हिज़्ब 53 · पृष्ठ 522

وَفِى عَادٍ إِذْ أَرْسَلْنَا عَلَيْهِمُ ٱلرِّيحَ ٱلْعَقِيمَ﴿٤١﴾

तथा आद में, जब हमने उनपर बाँझ1 हवा भेजी दी।

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51:42
पारा 27 · हिज़्ब 53 · पृष्ठ 522

مَا تَذَرُ مِن شَىْءٍ أَتَتْ عَلَيْهِ إِلَّا جَعَلَتْهُ كَٱلرَّمِيمِ﴿٤٢﴾

वह जिस चीज़ पर से भी गुज़रती, उसे सड़ी हुई हड्डी की तरह कर देती थी।

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51:43
पारा 27 · हिज़्ब 53 · पृष्ठ 522

وَفِى ثَمُودَ إِذْ قِيلَ لَهُمْ تَمَتَّعُوا۟ حَتَّىٰ حِينٍ﴿٤٣﴾

तथा समूद में, जब उनसे कहा गया कि एक समय तक के लिए लाभ उठा लो।

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51:44
पारा 27 · हिज़्ब 53 · पृष्ठ 522

فَعَتَوْا۟ عَنْ أَمْرِ رَبِّهِمْ فَأَخَذَتْهُمُ ٱلصَّـٰعِقَةُ وَهُمْ يَنظُرُونَ﴿٤٤﴾

फिर उन्होंने अपने पालनहार के आदेश की अवज्ञा की, तो उन्हें कड़क ने पकड़ लिया और वे देख रहे थे।

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51:45
पारा 27 · हिज़्ब 53 · पृष्ठ 522

فَمَا ٱسْتَطَـٰعُوا۟ مِن قِيَامٍ وَمَا كَانُوا۟ مُنتَصِرِينَ﴿٤٥﴾

फिर उनमें न तो खड़े होने की शक्ति थी और न ही वे प्रतिकार करने वाले थे।

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51:46
पारा 27 · हिज़्ब 53 · पृष्ठ 522

وَقَوْمَ نُوحٍ مِّن قَبْلُ ۖ إِنَّهُمْ كَانُوا۟ قَوْمًا فَـٰسِقِينَ﴿٤٦﴾

तथा इससे पहले नूह़ की जाति को (विनष्ट कर दिया)। निश्चय ही वे अवज्ञाकारी लोग थे।1

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51:47
पारा 27 · हिज़्ब 53 · पृष्ठ 522

وَٱلسَّمَآءَ بَنَيْنَـٰهَا بِأَيْي۟دٍ وَإِنَّا لَمُوسِعُونَ﴿٤٧﴾

तथा आकाश को हमने शक्ति के साथ बनाया और निःसंदेह हम निश्चय विस्तार करने वाले हैं।

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51:48
पारा 27 · हिज़्ब 53 · पृष्ठ 522

وَٱلْأَرْضَ فَرَشْنَـٰهَا فَنِعْمَ ٱلْمَـٰهِدُونَ﴿٤٨﴾

तथा धरती को हमने बिछा दिया, तो हम क्या ही खूब बिछाने वाले हैं।

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51:49
पारा 27 · हिज़्ब 53 · पृष्ठ 522

وَمِن كُلِّ شَىْءٍ خَلَقْنَا زَوْجَيْنِ لَعَلَّكُمْ تَذَكَّرُونَ﴿٤٩﴾

तथा हमने हर चीज़ के दो प्रकार बनाए, ताकि तुम नसीहत ग्रहण करो।

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51:50
पारा 27 · हिज़्ब 53 · पृष्ठ 522

فَفِرُّوٓا۟ إِلَى ٱللَّهِ ۖ إِنِّى لَكُم مِّنْهُ نَذِيرٌ مُّبِينٌ﴿٥٠﴾

अतः अल्लाह की ओर दौड़ो। निश्चय ही मैं तुम्हारे लिए उसकी ओर से स्पष्ट सचेतकर्ता हूँ।

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पिछली आयतQafअगली आयतAt-Tur