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Al-Waqi'ah

Vâkıa

मक्की·96 आयतें

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

56:1
पारा 27
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 534

إِذَا وَقَعَتِ ٱلْوَاقِعَةُ﴿١﴾

जब घटित होने वाली घटित हो जाएगी।

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56:2
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 534

لَيْسَ لِوَقْعَتِهَا كَاذِبَةٌ﴿٢﴾

उसके घटित होने में कोई झूठ नहीं।

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56:3
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 534

خَافِضَةٌ رَّافِعَةٌ﴿٣﴾

नीचे करने वाली, ऊपर उठाने वाली।1

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56:4
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 534

إِذَا رُجَّتِ ٱلْأَرْضُ رَجًّا﴿٤﴾

जब धरती तेज़ी से हिलाई जाएगी।

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56:5
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 534

وَبُسَّتِ ٱلْجِبَالُ بَسًّا﴿٥﴾

और पर्वत ख़ूब चूर्ण-विचूर्ण कर दिए जाएँगे।

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56:6
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 534

فَكَانَتْ هَبَآءً مُّنۢبَثًّا﴿٦﴾

तो वे बिखरी हुई धूल हो जाएँगे।

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56:7
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 534

وَكُنتُمْ أَزْوَٰجًا ثَلَـٰثَةً﴿٧﴾

और तुम तीन प्रकार के लोग हो जाओगे।

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56:8
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 534

فَأَصْحَـٰبُ ٱلْمَيْمَنَةِ مَآ أَصْحَـٰبُ ٱلْمَيْمَنَةِ﴿٨﴾

तो दाहिने हाथ वाले, क्या ही अच्छे हैं दाहिने हाथ वाले!1

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56:9
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 534

وَأَصْحَـٰبُ ٱلْمَشْـَٔمَةِ مَآ أَصْحَـٰبُ ٱلْمَشْـَٔمَةِ﴿٩﴾

और बाएँ हाथ वाले, क्या बुरे हैं बाएँ हाथ वाले!

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56:10
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 534

وَٱلسَّـٰبِقُونَ ٱلسَّـٰبِقُونَ﴿١٠﴾

और जो पहल करने वाले हैं, वही आगे बढ़ने वाले हैं।

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56:11
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 534

أُو۟لَـٰٓئِكَ ٱلْمُقَرَّبُونَ﴿١١﴾

यही लोग निकट किए हुए हैं।1

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56:12
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 534

فِى جَنَّـٰتِ ٱلنَّعِيمِ﴿١٢﴾

नेमत के बाग़ों में।

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56:13
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 534

ثُلَّةٌ مِّنَ ٱلْأَوَّلِينَ﴿١٣﴾

पहले लोगों में से एक बहुत बड़ा समूह।

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56:14
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 534

وَقَلِيلٌ مِّنَ ٱلْـَٔاخِرِينَ﴿١٤﴾

तथा थोड़े-से पिछले लोगों में से होंगे।

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56:15
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 534

عَلَىٰ سُرُرٍ مَّوْضُونَةٍ﴿١٥﴾

सोने के तारों से बुने हुए तख़्तों पर।

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56:16
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 534

مُّتَّكِـِٔينَ عَلَيْهَا مُتَقَـٰبِلِينَ﴿١٦﴾

उनपर तकिया लगाए आमने-सामने बैठे होंगे।

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56:17
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 535

يَطُوفُ عَلَيْهِمْ وِلْدَٰنٌ مُّخَلَّدُونَ﴿١٧﴾

उनके आस-पास (सेवा के लिए) ऐसे बालक फिर रहे होंगे, जो सदा (बालक) ही रहेंगे।

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56:18
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 535

بِأَكْوَابٍ وَأَبَارِيقَ وَكَأْسٍ مِّن مَّعِينٍ﴿١٨﴾

ऐसे प्याले َऔर सुराहियाँ और छलकते जाम लेकर जो बहती शराब की होंगे।

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56:19
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 535

لَّا يُصَدَّعُونَ عَنْهَا وَلَا يُنزِفُونَ﴿١٩﴾

वे न उससे सिरदर्द से पीड़ित होंगे और न ही उनकी बुद्धि प्रभावित होगी।

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56:20
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 535

وَفَـٰكِهَةٍ مِّمَّا يَتَخَيَّرُونَ﴿٢٠﴾

तथा ऐसे फल लेकर जिन्हें वे पसंद करते हैं।

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56:21
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 535

وَلَحْمِ طَيْرٍ مِّمَّا يَشْتَهُونَ﴿٢١﴾

तथा पक्षियों का मांस लेकर जिसकी वे इच्छा रखते हैं।

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56:22
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 535

وَحُورٌ عِينٌ﴿٢٢﴾

और बड़ी-बड़ी नैनों वाली गोरियाँ होंगी।

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56:23
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 535

كَأَمْثَـٰلِ ٱللُّؤْلُؤِ ٱلْمَكْنُونِ﴿٢٣﴾

छिपाकर रखे हुए मोतियों के समान।

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56:24
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 535

جَزَآءًۢ بِمَا كَانُوا۟ يَعْمَلُونَ﴿٢٤﴾

उसके बदले में जो वे (संसार में) किया करते थे।

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56:25
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 535

لَا يَسْمَعُونَ فِيهَا لَغْوًا وَلَا تَأْثِيمًا﴿٢٥﴾

वे उस में न कोई व्यर्थ बात सुनेंगे और न पाप की बात।

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56:26
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 535

إِلَّا قِيلًا سَلَـٰمًا سَلَـٰمًا﴿٢٦﴾

केवल सलाम ही सलाम की आवाज़ होगी।

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56:27
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 535

وَأَصْحَـٰبُ ٱلْيَمِينِ مَآ أَصْحَـٰبُ ٱلْيَمِينِ﴿٢٧﴾

और दाहिने हाथ वाले, क्या ही अच्छे हैं दाहिने हाथ वाले!

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56:28
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 535

فِى سِدْرٍ مَّخْضُودٍ﴿٢٨﴾

वे बिना कँटीले बेरियों में होंगे।

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56:29
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 535

وَطَلْحٍ مَّنضُودٍ﴿٢٩﴾

तथा परत-दर-परत लगे हुए केलों में।

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56:30
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 535

وَظِلٍّ مَّمْدُودٍ﴿٣٠﴾

और ऐसी छाया में जो अच्छी तरह फैली हुई है।1

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56:31
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 535

وَمَآءٍ مَّسْكُوبٍ﴿٣١﴾

और प्रवाहित जल में।

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56:32
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 535

وَفَـٰكِهَةٍ كَثِيرَةٍ﴿٣٢﴾

तथा बहुत अधिक फलों में।

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56:33
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 535

لَّا مَقْطُوعَةٍ وَلَا مَمْنُوعَةٍ﴿٣٣﴾

जो न कभी समाप्त होंगे और न उनसे कोई रोक-टोक होगी।

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56:34
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 535

وَفُرُشٍ مَّرْفُوعَةٍ﴿٣٤﴾

और ऊँचे बिस्तरों पर होंगे।

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56:35
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 535

إِنَّآ أَنشَأْنَـٰهُنَّ إِنشَآءً﴿٣٥﴾

निःसंदेह हमने उनको एक विशेष रूप से पैदा किया है।

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56:36
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 535

فَجَعَلْنَـٰهُنَّ أَبْكَارًا﴿٣٦﴾

तो हमने उन्हें कुँवारियाँ बनाया है।

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56:37
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 535

عُرُبًا أَتْرَابًا﴿٣٧﴾

जो पतियों को प्रिय और समान आयु वाली हैं।

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56:38
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 535

لِّأَصْحَـٰبِ ٱلْيَمِينِ﴿٣٨﴾

दाहिने हाथ वालों के लिए।

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56:39
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 535

ثُلَّةٌ مِّنَ ٱلْأَوَّلِينَ﴿٣٩﴾

एक बड़ा समूह पहले लोगों में से हैं।

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56:40
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 535

وَثُلَّةٌ مِّنَ ٱلْـَٔاخِرِينَ﴿٤٠﴾

तथा एक बड़ा समूह पिछले लोगों में से हैं।

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56:41
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 535

وَأَصْحَـٰبُ ٱلشِّمَالِ مَآ أَصْحَـٰبُ ٱلشِّمَالِ﴿٤١﴾

और बाएँ हाथ वाले, क्या ही बुरे हैं बाएँ हाथ वाले!

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56:42
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 535

فِى سَمُومٍ وَحَمِيمٍ﴿٤٢﴾

(वे) गर्म हवा तथा खौलते जल में होंगे।

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56:43
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 535

وَظِلٍّ مِّن يَحْمُومٍ﴿٤٣﴾

और काले धुएँ के साये में होंगे।

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56:44
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 535

لَّا بَارِدٍ وَلَا كَرِيمٍ﴿٤٤﴾

जो न शीतल होगा और न देखने में अच्छी ही लगेगा।

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56:45
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 535

إِنَّهُمْ كَانُوا۟ قَبْلَ ذَٰلِكَ مُتْرَفِينَ﴿٤٥﴾

निश्चय वे इससे पहले (दुनिया की) सुख-सुविधाओं का आनंद ले रहे थे।

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56:46
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 535

وَكَانُوا۟ يُصِرُّونَ عَلَى ٱلْحِنثِ ٱلْعَظِيمِ﴿٤٦﴾

तथा वे बड़े गुनाह पर अड़े रहते थे।

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56:47
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 535

وَكَانُوا۟ يَقُولُونَ أَئِذَا مِتْنَا وَكُنَّا تُرَابًا وَعِظَـٰمًا أَءِنَّا لَمَبْعُوثُونَ﴿٤٧﴾

और वे कहा करते थे कि क्या जब हम मर जाएँगे और हम मिट्टी तथा हड्डियाँ हो जाएँगे, तो क्या सचमुच हम अवश्य उठाए जाने वाले हैं?

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56:48
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 535

أَوَءَابَآؤُنَا ٱلْأَوَّلُونَ﴿٤٨﴾

और क्या हमारे पहले बाप-दादा भी?

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56:49
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 535

قُلْ إِنَّ ٱلْأَوَّلِينَ وَٱلْـَٔاخِرِينَ﴿٤٩﴾

आप कह दें : निःसंदेह अगले तथा पिछले (सभी) लोग।

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56:50
पारा 27 · हिज़्ब 54 · पृष्ठ 535

لَمَجْمُوعُونَ إِلَىٰ مِيقَـٰتِ يَوْمٍ مَّعْلُومٍ﴿٥٠﴾

एक ज्ञात दिन के निश्चित समय पर अवश्य एकत्र किए जाने वाले हैं।

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पिछली आयतAr-Rahmanअगली आयतAl-Hadid