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Al-A'la

A'lâ

मक्की·19 आयतें

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

87:1
पारा 30
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 591

سَبِّحِ ٱسْمَ رَبِّكَ ٱلْأَعْلَى﴿١﴾

अपने सर्वोच्च पालनहार के नाम की पवित्रता का वर्णन करो।

—
87:2
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 591

ٱلَّذِى خَلَقَ فَسَوَّىٰ﴿٢﴾

जिसने पैदा किया और ठीक-ठीक बनाया।

—
87:3
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 591

وَٱلَّذِى قَدَّرَ فَهَدَىٰ﴿٣﴾

और जिसने (हर चीज़ को) अनुमानित किया, फिर मार्ग दिखाया।

—
87:4
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 591

وَٱلَّذِىٓ أَخْرَجَ ٱلْمَرْعَىٰ﴿٤﴾

और जिसने चारा उगाया।1

—
87:5
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 591

فَجَعَلَهُۥ غُثَآءً أَحْوَىٰ﴿٥﴾

फिर उसे (सुखाकर) काले रंग का कूड़ा बना दिया।1

—
87:6
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 591

سَنُقْرِئُكَ فَلَا تَنسَىٰٓ﴿٦﴾

(ऐ नबी!) हम तुम्हें ऐसा पढ़ाएँगे कि तुम नहीं भूलोगे।

—
87:7
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 591

إِلَّا مَا شَآءَ ٱللَّهُ ۚ إِنَّهُۥ يَعْلَمُ ٱلْجَهْرَ وَمَا يَخْفَىٰ﴿٧﴾

परन्तु जो अल्लाह चाहे। निश्चय ही वह खुली बात को जानता है और उस बात को भी जो छिपी हुई है।

—
87:8
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 591

وَنُيَسِّرُكَ لِلْيُسْرَىٰ﴿٨﴾

और हम तुम्हारे लिए सरल मार्ग आसान कर देंगे।1

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87:9
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 591

فَذَكِّرْ إِن نَّفَعَتِ ٱلذِّكْرَىٰ﴿٩﴾

तो आप नसीहत करते रहें। अगर नसीहत करना लाभदायक हो।

—
87:10
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 591

سَيَذَّكَّرُ مَن يَخْشَىٰ﴿١٠﴾

वह व्यक्ति उपदेश ग्रहण करेगा, जो डरता है।

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87:11
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 592

وَيَتَجَنَّبُهَا ٱلْأَشْقَى﴿١١﴾

और उससे दूर रहेगा, जो सबसे बड़ा अभागा है।

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87:12
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 592

ٱلَّذِى يَصْلَى ٱلنَّارَ ٱلْكُبْرَىٰ﴿١٢﴾

जो सबसे बड़ी आग में प्रवेश करेगा।

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87:13
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 592

ثُمَّ لَا يَمُوتُ فِيهَا وَلَا يَحْيَىٰ﴿١٣﴾

फिर वह उसमें न मरेगा, न जिएगा।1

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87:14
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 592

قَدْ أَفْلَحَ مَن تَزَكَّىٰ﴿١٤﴾

निश्चय वह सफल हो गया, जो पाक हो गया।

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87:15
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 592

وَذَكَرَ ٱسْمَ رَبِّهِۦ فَصَلَّىٰ﴿١٥﴾

तथा अपने पालनहार के नाम को याद किया और नमाज़ पढ़ी।1

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87:16
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 592

بَلْ تُؤْثِرُونَ ٱلْحَيَوٰةَ ٱلدُّنْيَا﴿١٦﴾

बल्कि तुम सांसारिक जीवन को प्राथमिकता देते हो।

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87:17
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 592

وَٱلْـَٔاخِرَةُ خَيْرٌ وَأَبْقَىٰٓ﴿١٧﴾

हालाँकि आख़िरत बहुत उत्तम और अधिक बाक़ी रहने वाली है।

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87:18
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 592

إِنَّ هَـٰذَا لَفِى ٱلصُّحُفِ ٱلْأُولَىٰ﴿١٨﴾

निःसंदेह यह बात पहले सह़ीफ़ों (ग्रंथों) में है।

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87:19
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 592

صُحُفِ إِبْرَٰهِيمَ وَمُوسَىٰ﴿١٩﴾

इबराहीम तथा मूसा के सह़ीफ़ों (ग्रंथों) में।1

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