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Ad-Dukhan - 44:37

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Ad-Dukhan - आयत 37

44:37
पारा 25 · हिज़्ब 50 · पृष्ठ 497

أَهُمْ خَيْرٌ أَمْ قَوْمُ تُبَّعٍ وَٱلَّذِينَ مِن قَبْلِهِمْ ۚ أَهْلَكْنَـٰهُمْ ۖ إِنَّهُمْ كَانُوا۟ مُجْرِمِينَ﴿٣٧﴾

क्या ये लोग बेहतर हैं, अथवा तुब्बा' की जाति1 तथा वे लोग जो उनसे पूर्व थे? हमने उन्हें विनष्ट कर दिया। निःसंदेह वे अपराधी थे।

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Ad-Dukhan - 44:37

أَهُمْ خَيْرٌ أَمْ قَوْمُ تُبَّعٍ وَٱلَّذِينَ مِن قَبْلِهِمْ ۚ أَهْلَكْنَـٰهُمْ ۖ إِنَّهُمْ كَانُوا۟ مُجْرِمِينَ

क्या ये लोग बेहतर हैं, अथवा तुब्बा' की जाति1 तथा वे लोग जो उनसे पूर्व थे? हमने उन्हें विनष्ट कर दिया। निःसंदेह वे अपर...

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