सामग्री पर जाएं
NurVerse
पवित्र क़ुरआननमाज़ का समयकैलेंडरहदीसदुआएं
Ad
Ad
Ad
Ad
NurVerse

क़ुरआन पढ़ें, नमाज़ के समय ट्रैक करें, दुआ करें और अपनी इस्लामी ज़िंदगी समृद्ध करें।

© 2026 NurVerse. सर्वाधिकार सुरक्षित।

ऐप इंस्टॉल करेंसंपर्कगोपनीयता नीतिउपयोग की शर्तें
सूरह सूची
मुसहफ़ व्यू
0/25

الانشقاق

Al-Inshiqaq

İnşikâk

मक्की·25 आयतें

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

84:1
पारा 30
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 589

إِذَا ٱلسَّمَآءُ ٱنشَقَّتْ﴿١﴾

जब आकाश फट जाएगा।

—
84:2
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 589

وَأَذِنَتْ لِرَبِّهَا وَحُقَّتْ﴿٢﴾

और अपने पालनहार के आदेश पर कान लगाएगा और यही उसके योग्य है।

—
84:3
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 589

وَإِذَا ٱلْأَرْضُ مُدَّتْ﴿٣﴾

तथा जब धरती फैला दी जाएगी।

—
84:4
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 589

وَأَلْقَتْ مَا فِيهَا وَتَخَلَّتْ﴿٤﴾

और जो कुछ उसके भीतर है, उसे निकाल बाहर फेंक देगी और खाली हो जाएगी।

—
84:5
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 589

وَأَذِنَتْ لِرَبِّهَا وَحُقَّتْ﴿٥﴾

और अपने पालनहार के आदेश पर कान लगाएगी और यही उसके योग्य है।1

—
84:6
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 589

يَـٰٓأَيُّهَا ٱلْإِنسَـٰنُ إِنَّكَ كَادِحٌ إِلَىٰ رَبِّكَ كَدْحًا فَمُلَـٰقِيهِ﴿٦﴾

ऐ इनसान! निःसंदेह तू कठिन परिश्रम करते-करते अपने पालनहार की ओर जाने वाला है, फिर तू उससे मिलने वाला है।

—
84:7
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 589

فَأَمَّا مَنْ أُوتِىَ كِتَـٰبَهُۥ بِيَمِينِهِۦ﴿٧﴾

फिर जिस व्यक्ति को उसका कर्मपत्र उसके दाहिने हाथ में दिया गया।

—
84:8
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 589

فَسَوْفَ يُحَاسَبُ حِسَابًا يَسِيرًا﴿٨﴾

तो उसका आसान हिसाब लिया जाएगा।

—
84:9
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 589

وَيَنقَلِبُ إِلَىٰٓ أَهْلِهِۦ مَسْرُورًا﴿٩﴾

तथा वह अपने लोगों की ओर ख़ुश-ख़ुश लौटेगा।

—
84:10
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 589

وَأَمَّا مَنْ أُوتِىَ كِتَـٰبَهُۥ وَرَآءَ ظَهْرِهِۦ﴿١٠﴾

और लेकिन जिसे उसका कर्मपत्र उसकी पीठ के पीछे दिया गया।

—
84:11
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 589

فَسَوْفَ يَدْعُوا۟ ثُبُورًا﴿١١﴾

तो वह विनाश को पुकारेगा।

—
84:12
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 589

وَيَصْلَىٰ سَعِيرًا﴿١٢﴾

तथा जहन्नम में प्रवेश करेगा।

—
84:13
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 589

إِنَّهُۥ كَانَ فِىٓ أَهْلِهِۦ مَسْرُورًا﴿١٣﴾

निःसंदेह वह अपने घर वालों में बड़ा प्रसन्न था।

—
84:14
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 589

إِنَّهُۥ ظَنَّ أَن لَّن يَحُورَ﴿١٤﴾

निश्चय उसने समझा था कि वह कभी (अल्लाह की ओर) वापस नहीं लौटेगा।

—
84:15
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 589

بَلَىٰٓ إِنَّ رَبَّهُۥ كَانَ بِهِۦ بَصِيرًا﴿١٥﴾

क्यों नहीं, निश्चय उसका पालनहार उसे देख रहा था।1

—
84:16
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 589

فَلَآ أُقْسِمُ بِٱلشَّفَقِ﴿١٦﴾

मैं क़सम खाता हूँ शफ़क़ (सूर्यास्त के बाद की लाली) की।

—
84:17
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 589

وَٱلَّيْلِ وَمَا وَسَقَ﴿١٧﴾

तथा रात की और उसकी जो कुछ वह एकत्रित करती है!

—
84:18
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 589

وَٱلْقَمَرِ إِذَا ٱتَّسَقَ﴿١٨﴾

तथा चाँद की, जब वह पूरा हो जाता है।

—
84:19
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 589

لَتَرْكَبُنَّ طَبَقًا عَن طَبَقٍ﴿١٩﴾

तुम अवश्य एक अवस्था से दूसरी अवस्था में स्थानांतरित होते रहोगे।

—
84:20
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 589

فَمَا لَهُمْ لَا يُؤْمِنُونَ﴿٢٠﴾

फिर उन्हें क्या हो गया है कि वे ईमान नहीं लाते?

—
84:21۩
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 589

وَإِذَا قُرِئَ عَلَيْهِمُ ٱلْقُرْءَانُ لَا يَسْجُدُونَ ۩﴿٢١﴾

और जब उनके सामने क़ुरआन पढ़ा जाता है, तो सजदा नहीं करते।1

—
84:22
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 589

بَلِ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ يُكَذِّبُونَ﴿٢٢﴾

बल्कि जिन्होंने कुफ़्र किया, वे (उसे) झुठलाते हैं।

—
84:23
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 589

وَٱللَّهُ أَعْلَمُ بِمَا يُوعُونَ﴿٢٣﴾

और अल्लाह सबसे अधिक जानने वाला है जो कुछ वे अपने भीतर रखते हैं।

—
84:24
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 589

فَبَشِّرْهُم بِعَذَابٍ أَلِيمٍ﴿٢٤﴾

अतः उन्हें एक दर्दनाक यातना की शुभ सूचना दे दो।

—
84:25
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 590

إِلَّا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَعَمِلُوا۟ ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ لَهُمْ أَجْرٌ غَيْرُ مَمْنُونٍۭ﴿٢٥﴾

परंतु जो लोग ईमान लाए तथा उन्होंने सत्कर्म किए, उनके लिए कभी न समाप्त होने वाला बदला है।1

—
पिछली आयतAl-Mutaffifinअगली आयतAl-Buruj