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मक्की·22 आयतें

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

85:1
पारा 30
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 590

وَٱلسَّمَآءِ ذَاتِ ٱلْبُرُوجِ﴿١﴾

क़सम है बुर्जों वाले आकाश की!

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85:2
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 590

وَٱلْيَوْمِ ٱلْمَوْعُودِ﴿٢﴾

और क़सम है उस दिन की, जिसका वादा किया गया है!

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85:3
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 590

وَشَاهِدٍ وَمَشْهُودٍ﴿٣﴾

क़सम है गवाह की और उसकी, जिसके बारे में गवाही दी जाएगी!

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85:4
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 590

قُتِلَ أَصْحَـٰبُ ٱلْأُخْدُودِ﴿٤﴾

खाई वालों का नाश हो गया!1

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85:5
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 590

ٱلنَّارِ ذَاتِ ٱلْوَقُودِ﴿٥﴾

जिसमें ईंधन से भरी आग थी।

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85:6
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 590

إِذْ هُمْ عَلَيْهَا قُعُودٌ﴿٦﴾

जबकि वे उस (के किनारों) पर बैठे हुए थे।

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85:7
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 590

وَهُمْ عَلَىٰ مَا يَفْعَلُونَ بِٱلْمُؤْمِنِينَ شُهُودٌ﴿٧﴾

और वे ईमान वालों के साथ जो कुछ कर रहे थे, उस पर गवाह थे।

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85:8
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 590

وَمَا نَقَمُوا۟ مِنْهُمْ إِلَّآ أَن يُؤْمِنُوا۟ بِٱللَّهِ ٱلْعَزِيزِ ٱلْحَمِيدِ﴿٨﴾

और उन्हें ईमान वालों की केवल यह बात बुरी लगी कि वे उस अल्लाह पर ईमान रखते थे, जो प्रभुत्वशाली और हर प्रकार की प्रशंसा के योग्य है।

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85:9
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 590

ٱلَّذِى لَهُۥ مُلْكُ ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ ۚ وَٱللَّهُ عَلَىٰ كُلِّ شَىْءٍ شَهِيدٌ﴿٩﴾

वह (अल्लाह) कि जिसके लिए आकाशों और धरती का राज्य है, और अल्लाह हर चीज़ से अवगत है।

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85:10
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 590

إِنَّ ٱلَّذِينَ فَتَنُوا۟ ٱلْمُؤْمِنِينَ وَٱلْمُؤْمِنَـٰتِ ثُمَّ لَمْ يَتُوبُوا۟ فَلَهُمْ عَذَابُ جَهَنَّمَ وَلَهُمْ عَذَابُ ٱلْحَرِيقِ﴿١٠﴾

निश्चय जिन लोगों ने ईमान वाले पुरुषों और ईमान वाली स्त्रियों को परीक्षण में डाला (सताया), फिर तौबा न की, तो उनके लिए जहन्नम की यातना है तथा उनके लिए जलाने वाली यातना है।

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85:11
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 590

إِنَّ ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَعَمِلُوا۟ ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ لَهُمْ جَنَّـٰتٌ تَجْرِى مِن تَحْتِهَا ٱلْأَنْهَـٰرُ ۚ ذَٰلِكَ ٱلْفَوْزُ ٱلْكَبِيرُ﴿١١﴾

निःसंदेह जो लोग ईमान लाए और उन्होंने अच्छे काम किए, उनके लिए ऐसे बाग़ हैं, जिनके नीचे नहरें बह रही हैं और यही बहुत बड़ी सफलता है।1

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85:12
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 590

إِنَّ بَطْشَ رَبِّكَ لَشَدِيدٌ﴿١٢﴾

निःसंदेह तेरे पालनहार की पकड़ बड़ी सख्त है।

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85:13
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 590

إِنَّهُۥ هُوَ يُبْدِئُ وَيُعِيدُ﴿١٣﴾

निःसंदेह वही पहली बार पैदा करता है और (वही) दूसरी बार पैदा करेगा।

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85:14
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 590

وَهُوَ ٱلْغَفُورُ ٱلْوَدُودُ﴿١٤﴾

और वह है जो अत्यंत क्षमा करने वाला, बहुत प्रेम करने वाला है।

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85:15
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 590

ذُو ٱلْعَرْشِ ٱلْمَجِيدُ﴿١٥﴾

वह अर्श (सिंहासन) का मालिक, बड़ा गौरवशाली है।

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85:16
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 590

فَعَّالٌ لِّمَا يُرِيدُ﴿١٦﴾

वह जो चाहता है, कर गुज़रने वाला है।1

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85:17
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 590

هَلْ أَتَىٰكَ حَدِيثُ ٱلْجُنُودِ﴿١٧﴾

(ऐ नबी!) क्या तुम्हें सेनाओं की ख़बर पहुँची है?

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85:18
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 590

فِرْعَوْنَ وَثَمُودَ﴿١٨﴾

फ़िरऔन तथा समूद की?1

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85:19
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 590

بَلِ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ فِى تَكْذِيبٍ﴿١٩﴾

बल्कि वे लोग जिन्होंने कुफ़्र किया, झुठलाने में लगे हुए हैं।

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85:20
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 590

وَٱللَّهُ مِن وَرَآئِهِم مُّحِيطٌۢ﴿٢٠﴾

और अल्लाह उनके पीछे से (उन्हें) घेरे हुए है।1

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85:21
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 590

بَلْ هُوَ قُرْءَانٌ مَّجِيدٌ﴿٢١﴾

बल्कि वह गौरव वाला क़ुरआन है।

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85:22
पारा 30 · हिज़्ब 59 · पृष्ठ 590

فِى لَوْحٍ مَّحْفُوظٍۭ﴿٢٢﴾

जो लौह़े मह़फ़ूज़ (सुरक्षित पट्टिका) में लिखा हुआ है।1

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