सामग्री पर जाएं
NurVerse
पवित्र क़ुरआननमाज़ का समयकैलेंडरहदीसदुआएं
Ad
Ad
Ad
Ad
NurVerse

क़ुरआन पढ़ें, नमाज़ के समय ट्रैक करें, दुआ करें और अपनी इस्लामी ज़िंदगी समृद्ध करें।

© 2026 NurVerse. सर्वाधिकार सुरक्षित।

ऐप इंस्टॉल करेंसंपर्कगोपनीयता नीतिउपयोग की शर्तें
सूरह सूची
मुसहफ़ व्यू
0/8

التين

At-Tin

Tîn

मक्की·8 आयतें

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

95:1
पारा 30
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 597

وَٱلتِّينِ وَٱلزَّيْتُونِ﴿١﴾

क़सम है अंजीर की! तथा ज़ैतून की!

—
95:2
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 597

وَطُورِ سِينِينَ﴿٢﴾

एवं "तूरे सीनीन" की क़सम!

—
95:3
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 597

وَهَـٰذَا ٱلْبَلَدِ ٱلْأَمِينِ﴿٣﴾

और इस शान्ति वाले नगर की क़सम!

—
95:4
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 597

لَقَدْ خَلَقْنَا ٱلْإِنسَـٰنَ فِىٓ أَحْسَنِ تَقْوِيمٍ﴿٤﴾

निःसंदेह हमने इनसान को सबसे अच्छी संरचना में पैदा किया है।

—
95:5
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 597

ثُمَّ رَدَدْنَـٰهُ أَسْفَلَ سَـٰفِلِينَ﴿٥﴾

फिर हमने उसे सबसे नीची हालत की ओर लौटा दिया।

—
95:6
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 597

إِلَّا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَعَمِلُوا۟ ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ فَلَهُمْ أَجْرٌ غَيْرُ مَمْنُونٍ﴿٦﴾

परंतु जो लोग ईमान लाए तथा उन्होंने सत्कर्म किए, उनके लिए समाप्त न होने वाला बदला है।

—
95:7
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 597

فَمَا يُكَذِّبُكَ بَعْدُ بِٱلدِّينِ﴿٧﴾

फिर (ऐ मनुष्य) तुझे कौन-सी चीज़ बदले (के दिन) को झुठलाने पर आमादा करती है?

—
95:8
पारा 30 · हिज़्ब 60 · पृष्ठ 597

أَلَيْسَ ٱللَّهُ بِأَحْكَمِ ٱلْحَـٰكِمِينَ﴿٨﴾

क्या अल्लाह सब हाकिमों से बड़ा हाकिम नहीं है?

—
पिछली आयतAsh-Sharhअगली आयतAl-'Alaq